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CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई को एक बार फिर बताया पाकिस्तानी एजेंट, कहा- हिम्मत है तो मेरे खिलाफ केस करें
असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पाकिस्तान का एजेंट बताया और चुनौती दी कि हिम्मत है तो उनके खिलाफ केस करें.
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असम में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य की राजनीति का पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है. ताजा घटनाक्रम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक बयान ने सियासी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है. दरअसल, सीएम सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पाकिस्तान का एजेंट तक बता दिया है. यही नहीं, उन्होंने गोगोई की पत्नी पर भी इसी तरह का आरोप लगाया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी को डराने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. उनका कहना था कि वह वही बोलते हैं, जो उन्हें सच लगता है. सरमा ने यहां तक कहा कि अगर गौरव गोगोई में हिम्मत है, तो वह उनके खिलाफ केस दर्ज करें. इस बयान को कई लोग चुनावी रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं, क्योंकि चुनाव से पहले ऐसे आरोप मतदाताओं पर गहरा असर डाल सकते हैं.
मैं डरने वाला नेता नहीं: हिमंत बिस्वा सरमा, सीएम
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गौरव गोगोई डरने वाले नेता नहीं हैं, यह अच्छी बात है. लेकिन सच और झूठ को अलग-अलग समझना जरूरी है. उनके मुताबिक, जो सच है, वह बदलेगा नहीं और जो झूठ है, उसकी पोल आखिरकार खुलेगी. सरमा की इस बेबाक शैली ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है. असम की राजनीति में हिमंता बिस्वा सरमा और गौरव गोगोई के बीच बयानबाजी कोई नई बात नहीं है. दोनों नेताओं के बीच पहले भी कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिल चुकी है. लेकिन इस बार चुनाव नजदीक होने के कारण यह शब्दों की जंग ज्यादा गंभीर और प्रभावशाली मानी जा रही है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे आरोप राज्य की राजनीति में ध्रुवीकरण को और तेज कर सकते हैं.
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फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जवाबी हमले भी देखने को मिल सकते हैं. असम में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा. हिमंता बिस्वा सरमा पहले भी अपनी साफगोई और आक्रामक बयानों के लिए जाने जाते हैं. इस ताजा बयान ने साफ कर दिया है कि असम का चुनावी रण अब पूरी तरह सज चुका है.