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CM Dhami का कड़ा निर्देश, अब जल्द थमेगा Uttarakhand में लव और लैंड जिहाद?

उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में डेमोग्राफिक बदलाव की खबरों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने ऐक्शन शुरू कर दिया है। लोगों के सत्यापन के लिए पुलिस ने ‘वेरिफिकेशन अभियान’ शुरू किया है। इससे पहले सीएम धामी ने डीजीपी अभिनव कुमार एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर उन्हें जनसांख्यिकी परिवर्तन, धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था।

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Uttarkhand एक ऐसा राज्य जो अपने खुबसूरत वादियों और मनमोहक पहाड़ी इलाकों के लिए पर्यटन का केंद्र बना हुआ है। लेकिन हाल के दिनों में यहां डेमोग्राफिक बदलाव होते जा रहे है। उत्तरकाशी के कई ईलाकों के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल के दिनों में सांप्रदायिक तनाव की खबरे भी सामेन आई थी। इनमें लव जिहाद की बड़ी भूमिका रही थी। जिसे लेकर हिंदु संगठनों द्वारा आवाजा बुलंद किया गया था और राज्य में बाहरी लोगों के धुसपैठ को लेकर सवाल उठाया गया था। मामले की गंभीरता को देख सीएम धामी ने इसपर त्वरित कारवाई करने के आदेश दे दिए। धामी सरकार अब अपने काम को करने की तैयारी में है। लोगों के सत्यापन के लिए धामी के सिंघम ने Verification Abhiyaan शुरू कर दिया है। इससे पहले सीएम धामी ने राज्य के DGP औऱ अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए जनसांख्यिकी परिवर्तन, लव जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दे दिए थे। 


Times Of India के रिपोर्ट के अनुसार DGP अभिनव कुमार ने कहा कि '2011 के बाद जनसंख्या की जानकारी के लिए कोई जनगणना नहीं हुई है, लेकिन कुछ लोगों के बीच औऱ खासकर पहाड़ी इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में डेमोग्राफिक चेंज हुई है। इसलिए ये महिने भर का अभियान शुरू किया गया है।'

Navbharat Times की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड के DGP ने कहा कि राज्य में बसे असामाजिक तत्वों की जांच के लिए कुछ क्षेत्रों में एक महीने का वेरिफिकेशन अभियान शुरू किया गया है। इसके पूरा होने के बाद हम जनसांख्यिकी परिवर्तन के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं। अगर इस प्रकार का कोई मामला है तो हमें भी इसकी जानकारी मिलेगी। 2011 में हुई पिछली जनगणना के अनुसार, उत्तराखंड की कुल जनसंख्या लगभग 1.10 करोड़ थी। लगभग 84 लाख (83%) आबादी हिंदू थी, जबकि मुस्लिम 14.06 लाख (13.9%) और सिख 2.34% थे। 2001 की जनगणना में, राज्य में मुस्लिम आबादी लगभग 10.12 लाख थी।

बता दें कि उत्तराखंड के हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि देहरादुन, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जैसे पहाड़ी जिलों में मुसलमानों की आबादी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। और देवभूमि की डेमोग्राफी को बदलने की बड़े स्तर पर साजिश चल रही है। और इसे well planned तरिके से अंजाम दिया जा रहा है। उत्तरकाशी के पुरोला कस्बे, धारचूला और चमोली जैसे पहाड़ी इलाके में बी हाल के दिनों में सांप्रदायिक तनाव बढ़े है। इसमें लव जिहाद की बड़ी भूमिका है। 

हिंदु संगठनों के इसी आरोप के बाद सीएम धामी का खून खौल उठा और उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दे दिए। वैसे अगर डेमोग्राफित चेंज की बात करें तो ये कई राज्यों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। घुसपैठियों से हिमाचल, झारखंड समेत कई राज्य परेशान है। इसपर राजनीति तो होती है पर कार्य नहीं किया जाता। लेकिन ये उत्तराखंड है जहां के सीएम कट्टर सनातन होने का सबुत देने में कभी पीछे नहीं हटते। जहां पर अन्याय करने वालों को माफ नहीं किया जाता। 
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