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जम्मू-कश्मीर से हिमाचल प्रदेश तक बादल फटने से भारी तबाही, 7 की मौत कई घायल

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में रविवार 17 अगस्त की सुबह स्थानीय लोगों के लिए काल बनकर आई है. इन दो राज्यों से बादल फटने की खबर सामने आई है. जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की ये बीते 3 दिन में दूसरी घटना है. आज कठुआ जिले में बॉर्डर से सटे इलाके में 3 जगह बादल फटा है.

File Photo
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कठुआ के जोद घाटी इलाके में बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं. जोद के अलावा मथरे चक, बगार्ड-चंगड़ा और दिलवान-हुटली में भी लैंडस्लाइड हुई है. 14 अगस्त को भी जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चसोटी से ऐसी ही घटना सामने आई थी. 

बादल फटने के बाद कठुआ के गांवों का संपर्क टूटा 

जम्मू कश्मीर के कठुआ जिलें में जोद घाटी इलाके में लैंडस्लाइड के बाद जोद गांव का शहर से संपर्क टूट गया है. काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम गांव पहुंची. घरों में कई फीट तक पानी-मलबा भरा है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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वहीं, मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 17-19 अगस्त तक तेज बारिश की संभावना जताई है. 11 जिलों जम्मू, रियासी, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, सांबा, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़, रामबन और कश्मीर के कुछ हिस्सों में बादल फटने और लैंडस्लाइड की भी चेतावनी है.

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हिमाचल में बादल फटने से तबाही 

हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश में तबाही नहीं थम रही. आज (रविवार) सुबह 4 बजे के करीब कुल्लू के टकोली में बादल फटा है. कुल्लू के पनारसा, नगवाई में भी फ्लैश फ्लड के बाद चारों तरफ मलबा बिखरा है. रविवार सुबह करीब 4 बजे के करीब कुल्लू के शालानाला में बादल फटा. इससे कुल्लू और मंडी के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है. टकोली सब्जी और टकोली फोरलेन पर फ्लड के कारण मलबा आ गया. कुल्लू-मंडी के अलग-अलग इलाकों में 10 से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ है. कई घरों में अंदर मलबा भर गया है. 

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शालानाल खड्ड में आई बाढ़ से एफकॉन कंपनी के ऑफिस और कॉलोनी की दीवार टूट गई. यहां पर कर्मचारियों ने भाग कर बचाई जान, स्थानीय लोगों के घरों को भी काफी नुकसान हुआ. टकोली, पनारसा और नगवाई में 10 से अधिक गाड़ियों को भी नुकसान हुआ है. चंडीगढ़-मनाली फोरलेन मंडी और कुल्लू में जगह-जगह बंद हो गई है. मंडी जिला के बागी पराशर में भी फ्लैश फ्लड से नुकसान की सूचना है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में बारिश का यलो अलर्ट है. प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 261 लोगों की मौत हो चुकी है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में अबतक 65 मौतें 

जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में 14 अगस्त की दोपहर 12.25 बजे यहां बादल फटा था. इस कारण मलबे में दबने से अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है. अब तक 34 शवों की पहचान की जा चुकी है. 500 से ज्यादा लोग रेस्क्यू किए गए हैं, जबकि 200 लोग अब भी लापता हैं. घायलों की संख्या 180 है, जिनमें से 40 की हालत गंभीर है. सभी घायलों को किश्तवाड़-जम्मू के अस्पतालों में भर्ती किया गया है. 75 लोगों की डिटेल उनके परिजन ने प्रशासन को दी है. रेस्क्यू में NDRF की 3 टीमें, सेना (300+ जवान), व्हाइट नाइट कोर मेडिकल टीम, पुलिस, SDRF और अन्य एजेंसियां रेस्क्यू में जुटी हैं.

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जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला शनिवार को चसोटी पहुंचे थे. उन्होंने आपदा पीड़ितों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. इस पर एक शख्स ने उनसे कहा- हमें कुछ नहीं चाहिए, आप सब अपने घर ले जाओ, हमें सिर्फ डेडबॉडी दे दो. मेरी मां-मौसी लापता हैं. युवक ने आरोप लगाया था कि यहां पर 20 जेसीबी आई हैं, हम कल से देख रहे हैं कि सिर्फ 2 ही जेसीबी काम कर रही हैं. आज आप आए तो इन्हें चालू किया गया. जब कोई नेता आता है तो जेसीबी चालू कर दी जाती हैं. यह हादसा उस वक्त हुआ जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा के लिए जिले के पड्डर सब-डिवीजन में चसोटी गांव पहुंचे थे. यह यात्रा का पहला पड़ाव है. यहां श्रद्धालुओं की बसें, टेंट, लंगर और कई दुकानें थीं। सब कुछ बाढ़ में बह गया.

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