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कठुआ में बादल फटा, पंजाब के पठानकोट में आठ गांव जलमग्न; प्रशासन ने जारी किया अलर्ट, अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी

पठानकोट के आठ गांवों में अचानक आई बाढ़ ने ग्रामीणों की जिंदगी खतरे में डाल दी. घर और खेत पानी में डूब गए हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन और मौसम विभाग समय रहते चेतावनी दे पाए? अगले तीन दिनों की भारी बारिश ने स्थिति को और भी नाजुक बना दिया है.

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पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमा क्षेत्र में रविवार सुबह अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया. कठुआ जिले में बादल फटने की घटना ने तबाही मचाई, जिसका असर पंजाब के पठानकोट जिले के कई गांवों पर भी देखने को मिला. देखते ही देखते बाढ़ जैसे हालात बन गए और आठ गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए.

अचानक फटा बादल, गांवों में घुसा पानी

स्थानीय प्रशासन के अनुसार कठुआ जिले के ऊपरी इलाकों में सुबह बादल फटने से भारी जलधारा निकल पड़ी. यह पानी तेज बहाव के साथ नीचे के इलाकों में पहुंचा और पठानकोट के सीमावर्ती आठ गांवों में घुस गया. गांवों के घर, खेत और सड़कें पानी में डूब गईं.

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घरों और फसलों को हुआ भारी नुकसान

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तेज बारिश और बादल फटने से निकली बाढ़ जैसी स्थिति के कारण कई मकानों में दरारें आ गईं और कुछ कच्चे मकान बह गए. किसानों की धान और मक्के की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं. इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. ग्रामीणों ने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि कई पशु भी बह गए.

प्रशासन अलर्ट पर, राहत कार्य शुरू

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घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल सक्रिय हो गए. प्रभावित गांवों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. कई परिवारों को अस्थायी शिविरों में शिफ्ट किया गया है.

मौसम विभाग ने दी चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से उत्तर-पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की गई है.

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बादल फटने के कारण लोगों में दहशत का माहौल

अचानक बादल फटने की इस घटना ने गांवों में दहशत फैला दी है. लोग अपने घरों और पशुओं को बचाने में जुटे हैं. प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री और दवाइयाँ पहुँचाने की है. वहीं, किसानों को फसल के नुकसान की भरपाई की चिंता सता रही है.

हालात पर रखी जा रही है लगातार निगरानी 

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जिला प्रशासन ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और पानी निकालने का काम तेजी से चल रहा है. बारिश रुकने के बाद नुकसान का आकलन कर पीड़ितों को राहत राशि दी जाएगी.

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हरिके पत्तन हैड वर्कस के साथ लगते क्षेत्र में 24 घंटे के बाद बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि हैड वर्क्स पर 1.50 लाख क्यूसिक पानी अगर अप स्ट्रीम में दर्ज होता है तो हालात बिगड़ सकते हैं. ऐसे में विस हलका पट्टी व खडूर साहिब के दर्जनों गांवों के लोग चिंता में हैं कि अगर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई तो क्या करेंगे. लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. जबकि दरिया के साथ लगते कुछ खेतों में पानी के कारण फसलें प्रभावित हो चुकी हैं. हालांकि प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर हैं. 

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