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आगरा में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक, फडणवीस सरकार का बड़ा ऐलान

महाराष्ट्र सरकार ने अपने 2025-26 के बजट में आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक बनाने की घोषणा की है, विस्तार से जानिए पूरी खबर

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वैसे तो आगरा की पहचान हाल फ़िलहाल में ताजमहल है, जिसे कहा जाता है कि मुग़ल बादशाह शाहजहां ने बनवाया, अपनी तीसरी बेगम अर्जुमंद बानो यानि मुमताज़ महल के प्यार में। ऐसे में ताजमहल को प्यार की निशानी बताकर मुग़ल बादशाह शाहजहां को महान बता दिया गया और आगरा की पहचान बना दी गई, लेकिन अब मुग़लिया अक्रांताओं और दरिंदों की निशानी मिटाने का काम शुरू हो चुका है। वैसे भी राम मंदिर के बन जाने के बाद ताजमहल की तरफ़ लोग देखना भी पसंद नहीं कर रहे हैं। इसी बीच अब आगरा की पहचान छत्रपति वीर शिवाजी महाराज बनने जा रही है, क्योंकि आगरा में उनका स्मारक बनाने का ऐलान कर दिया गया है।

दरअसल, औरंगजेब विवाद के बीच तमाम औरंगजेब प्रेमी इस देश में निकल रहे हैं और उसका गुणगान कर रहे हैं, जबकि छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का अपमान करने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने अपने 2025-26 के बजट में आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक बनाने की घोषणा कर दी है। ऐतिहासिक पहलुओं को उभारने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज से जुड़े स्थानों पर उनके भव्य स्मारक बनाने की घोषणा अपने नए बजट में की है। इनमें एक स्मारक आगरा में बनाया जाएगा।

आगरा में क्यों बनवाया जाएगा स्मारक?

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शिवाजी ने मुगलों की गुलामी स्वीकार करने से मना कर दिया था, इससे औरंगजेब की चिढ़ बढ़ गई और उसने साज़िश रची। फिर उसने 1666 में छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बेटे को धोखे से क़ैद कर लिया, लेकिन कुछ वक्त बाद आगरा के किले से शिवाजी महाराज अपने पुत्र के साथ औरंगजेब की कैद से बचकर भाग निकले। बाकी इतिहास गवाह है कि फिर औरंगजेब कैसे पूरी ज़िंदगी तड़पता रहा मराठा साम्राज्य जीतने के लिए।

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ऐसे में ये कहना ग़लत नहीं होगा कि आगरा में जब छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक बन जाएगा, तब ताजमहल को देखने और पूछने वाले और कम हो जाएंगे। बाकी ताजमहल के ख़िलाफ़ एक लड़ाई जारी है, हिंदू समाज ताजमहल को ‘तेजो महालय’ बताने का दावा ठोकता रहा है, तो आने वाले वक्त में ताजमहल को लेकर क्या कुछ फ़ैसला होगा ये देखना होगा। वहीं सीएम योगी तो ताजमहल को लेकर कट एंड क्लियर हैं। उनका तो कहना है कि "हमारी पहचान ताजमहल से नहीं हो सकती, भारत की पहचान भागवत गीता से हो सकती है, भारत की पहचान वेदों से हो सकती है, भारत की पहचान रामायण से हो सकती है।"

सीएम योगी के बयान से ताजमहल के भविष्य का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। वहीं ताजमहल की ज़मीन को लेकर भी विवाद चल रहा है। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तो ताजमहल पर अपना दावा ठोक चुकीं हैं। उन्होंने कहा था, "ताजमहल की जमीन हमारे वंशजों की थी, ताजमहल 'तेजो महल पैलेस' था जिस पर शाहजहां ने कब्जा किया था।"

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मतलब ताजमहल का भविष्य अच्छा नहीं दिख रहा है, वहीं दूसरी तरफ़ आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक बनाने का ऐलान कर दिया गया। ऐसे में जब स्मारक बनकर तैयार होगा, तो दुनिया उसकी भव्यता और दिव्यता देखेगी। इसी के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज आगरा की नई पहचान बन जाएंगे।

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