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Masjid में Jai Shri Ram का नारा लगाना अपराध नहीं, High Court ने ऐसा क्यों कहा ?

दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में तो कथित तौर पर एक मस्जिद में जय श्रीराम का नारा लगा दिया गया तो इसे भी धार्मिक भावना को आहत करने वाला बता दिया गया लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने तो ऐतिहासिक फैसला देते हुए साफ कर दिया कि मस्जिद में जय श्रीराम का नारा लगाना अपराध नहीं है !

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जब देश के प्रधानमंत्री दहाड़ते हुए जय जय श्रीराम का नारे लगा सकते हैं। तो भला अपने ही देश हिंदुस्तान में जय श्रीराम का नारा लगाना किसी की धार्मिक भावना आहत करने वाला कैसे हो सकता है। मगर अफसोस की बात ये है कि ओवैसी जैसे नेताओं को इस नारे से भी परेशानी होती है। इसीलिये जय श्रीराम के नारे को जे एस आर कहते हैं। तो वहीं दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में तो कथित तौर पर एक मस्जिद में जय श्रीराम का नारा लगा दिया गया। तो इसे भी धार्मिक भावना को आहत करने वाला बता दिया गया। लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने तो ऐतिहासिक फैसला देते हुए साफ कर दिया कि। मस्जिद में जय श्रीराम का नारा लगाना अपराध नहीं है।


दरअसल कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले से साल 2023 के सितंबर महीने में एक मामला सामने आया था। जिसके मुताबिक कथित तौर पर रात के समय एक स्थानीय मस्जिद में दो लोगों ने घुस कर जय श्रीराम का नारा लगाया था। जिस पर पुलिस ने उनके खिलाफ IPC की धारा 295 A यानि धार्मिक भावनाओं को आहत करना, 447 यानि आपराधिक अतिक्रमण और धारा 506 यानि आपराधिक धमकी के तहत केस दर्ज किया था। जब आरोपियों ने खुद पर दर्ज मुकदमे के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट गये तो उनके वकील ने दलील दी कि मस्जिद एक सार्वजनिक स्थल है इसलिये यहां कोई अपराध नहीं हुआ है, जय श्रीराम का नारा लगाना IPC की धारा 295A के तहत परिभाषित अपराध की शर्तों को पूरा नहीं करता है।

आरोपी व्यक्तियों की अपील याचिका पर गौर करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली एकल खंडपीठ ने आदेश पारित करते हुए कहा कि। "यह समझ से परे है कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने से किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं कैसे आहत होंगी, मामले में शिकायतकर्ता ने खुद कहा है कि संबंधित क्षेत्र में हिंदू और मुसलमान सद्भावना से रह रहे है ऐसे में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आगे की कार्यवाही की अनुमति देना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा"

कर्नाटक हाईकोर्ट की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए ये भी कहा कि कोई भी और हर कार्य IPC की धारा 295A के तहत अपराध नहीं बनेगा। इस आदेश के साथ कर्नाटक हाईकोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द कर दिया गया। तो वहीं इस हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि जब मस्जिद से पांचो वक्त अल्लाह हू अकबर बोलना अपराध नहीं है तो फिर "जय श्री राम" बोलना कैसे अपराध हो जाएगा। 

कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करने के साथ ही स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कट्टरपंथियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि भगवान राम के नाम से सद्भावना होती है।इसलिये हिंदू हों या मुसलमान सभी लोग मिलकर देश को मजबूत बनाएं।

जय श्रीराम के नारे को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट से आये आदेश का जहां संत समाज स्वागत कर रहा है। तो वहीं इस मामले पर आपका क्या कहना है। क्या आप भी मस्जिद में जय श्रीराम का नारा लगाना अपराध नहीं मानते हैं।

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