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जिन कार्यकर्ताओं ने बनाया सांसद उन्हें ही Chandrashekhar Azad दिखाने लगे अकड़, बोले- एक्शन होगा

चुनाव जीतने के बाद अब चंद्रशेखर आजाद भी लगता माननीय हो गये हैं।इसीलिये जिन कार्यकर्ताओं के दम पर चुनाव जीत कर सांसद बने, उन्हीं कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कह दिया।अगर बिना अपॉइमेंट के मिलने आए तो सीधे एक्शन होगा एक्शन।

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जिस उत्तर प्रदेश में बीएसपी सुप्रीमो मायावती चार बार सत्ता में रहीं। उस उत्तर प्रदेश में मायावती को इस बार के लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं आई, इसी बात से समझ सकते हैं कि इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और इंडिया गठबंधन के बीच कितनी तगड़ी लड़ाई थी।जिसका असर चुनावी नतीजों में भी देखने को मिला। जब बीजेपी गठबंधन जहां 36 सीटों पर सिमट गया,तो वहीं इंडिया गठबंधन 43 सीटें जीत ले गया। बीजेपी और इंडिया गठबंधन के बीच इतनी तगड़ी लड़ाई के बावजूद चंद्रशेखर आजाद ने सपा, बसपा,बीजेपी जैसी तीनों ही बड़ी पार्टियों को मात देकर नगीना सीट जीत ली।

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद पहली बार लोकसभा चुनाव में उतरे और पहले ही चुनाव में नगीना सीट जीत कर इतिहास रच दिया।लेकिन लगता है चुनाव जीतने के बाद अब चंद्रशेखर आजाद भी माननीय हो गये हैं।इसीलिये जिन कार्यकर्ताओं के दम पर चुनाव जीत कर सांसद बने,उन्हीं कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कह दिया।अगर बिना अपॉइमेंट के मिलने आए तो सीधे एक्शन होगा एक्शन।

चंद्रशेखर की रैली चला देना पांच सात सेकेंड 

दरअसल चुनाव से पहले तो आजाद समाज पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता बड़ी ही आसानी से अपने नेता चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात कर लेता था। लेकिन अब शायद ऐसा नहीं होगा क्योंकि चंद्रशेखर आजाद अब सांसद बन गये हैं और सांसद बनते ही लगता है उनके अंदर माननीय वाला भौकाल आ गया है।इसीलिये सांसद पद की शपथ लेने से पहले ही चंद्रशेखर आजाद अपने कार्यकर्ताओं को आदेश दे दिया कि बिना अपॉइमेंट के मिलने के लिए जो भी आएगा उनके खिलाफ पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।आजाद समाज पार्टी के यूपी अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ की ओर से जारी पत्र में साफ साफ कहा गया है कि-

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नगीना लोकसभा की ऐतिहासिक विजय के बाद देश भर से प्रतिष्ठित व्यक्ति माननीय सांसद जी से मिलने लगातार पहुंच रहे हैं इसलिये उत्तर प्रदेश के सम्मानित साथियों से निवेदन है जो भी पदाधिकारी और कार्यकर्ता माननीय सांसद जी से मिलने जाना चाहते हैं तो उन्हें अपने शीर्ष नेतृत्व को सूचित कर उनकी अनुमति प्राप्त करना जरूरी होगा, अगर कोई भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता बिना पूर्व सूचना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मिलने जाएंगे तो यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाएगा और उस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ।

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इस आदेश के बाद अब अगर किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी को सांसद चंद्रशेखर आजाद से मिलना होगा तो पहले अपॉइमेंट लेना होगा और अगर बिना अपॉइमेंट लिए कोई भी मिलने आया तो उसके खिलाफ पार्टी सख्त कार्रवाई करेगी। अपनी पार्टी की ओर से जारी इस आदेश के बाद सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि ऐसा इसलिये किया गया है क्योंकि उनके कार्यकर्ता दूर-दूर से आ रहे हैं और एक कमरा होने की वजह से सड़कों पर धूप में बैठ रहे हैं इसलिए यूपी के प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के लिए पत्र जारी किया है कि जब तक व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक बिन बुलाए ना आए।

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