Advertisement
Loading Ad...
अमृतसर में बाबासाहेब की प्रतिमा खंडित करने के मामले में जांच करेगी केंद्र सरकार की टीम
केंद्र सरकार की ओर भेजी गई टीम बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को हुए नुकसान की जांच करने के लिए रविवार को अमृतसर पहुंच रही है।
Advertisement
Loading Ad...
गणतंत्र दिवस पर पंजाब के अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने का मामला प्रकाश में आया था। केंद्र सरकार की ओर भेजी गई टीम बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को हुए नुकसान की जांच करने के लिए रविवार को अमृतसर पहुंच रही है।
दरअसल, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस वाले दिन बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को एक उपद्रवी द्वारा खंडित करने की कोशिश की गई थी। इस घटना को लेकर पूरे देश में रोष देखने को मिला था।
इस घटना की जांच के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है। यह प्रतिनिधि मंडल अमृतसर जांच के लिए आया है। इसकी रिपोर्ट जल्द ही नड्डा को सौंपी जाएगी। मामले की जांच के लिए बनाए गए प्रतिनिधि मंडल में कुल छह सदस्य हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण और बंतो देवी कटारिया शामिल हैं।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। इस मौके पर पंजाब पुलिस की डॉग स्क्वायड टीम और सरकारी एजेंसी सभी बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के आसपास की जगह का जायजा ले रही है।
अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश की विपक्षी पार्टियां इस विषय पर 'आप' सरकार पर निशाना साध रही हैं।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास आठवले भी अमृतसर पहुंचे थे। यहां उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने की निंदा की और राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए 'आप' सरकार पर निशाना साधा था।
Input: IANS
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...