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Rahul Gandhi के खिलाफ मुकदमा दर्ज, अमेरिका में बयान देना भारी पड़ गया

राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी के सिगरा थाने में दर्ज हुई एफआईआर, भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत धारा 152 के तहत दर्ज हुआ मुकदमा, बीजेपी ने राहुल के ख़िलाफ़ दर्ज कराया मुकदमा, अमेरिका में राहुल गांधी ने भारत के सिखों को लेकर बयान दिया था, विस्तार से जानिए क्या है पूरी ख़बर

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मुख्यमंत्री पद से Arvind Kejriwal के इस्तीफे के बाद आतिशी को अब दिल्ली चलाने का मौक़ा मिला है, आतिशी ने आज यानि 21 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की, साथ में मंत्रिपरिषद का भी शपथ ग्रहण हुआ, वहीं दूसरी तरफ़ लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर दिल्ली में लड़ने वाली कांग्रेस के लिए इस बीच बड़ी मुसीबत आ गई है, क्योंकि उनके सबसे बड़े नेता के ख़िलाफ़ अब हल्लाबोल दिया गया है।


याद कीजिए अभी हाल फ़िलहाल का राहुल गांधी का अमेरिका दौरा, जहां उन्होंने अपने भाषण से विवाद बढ़ा दिया, सिख समुदाय की भावनाएं आहत करने, देश की एकता को खतरे में डालने और आरक्षण के मुद्दे पर गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए अब उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराई गई है, पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में राहुल गांधी के ख़िलाफ़ ये मामला दर्ज कराया गया है । 

बता दें कि, वाराणसी के सिगरा पुलिस थाने में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल पर धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता कानून के धारा 152 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया, बीजेपी का आरोप है कि राहुल ने अमेरिका में सिख समुदाय को लेकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान दिया, जिससे सभी धर्मों के लोग काफी आहत हैं, ऐसे में अब राहुल गांधी की मुसीबत इसलिए बढ़ रही है क्योंकि भारतीय न्याय संहिता कानून के धारा 152 के तहत जो मुकदमा दर्ज हुआ है उसमें उनको लंबी सज़ा हो सकती है ।

भारतीय न्याय संहिता कानून की धारा 152

इसके तहत 3 साल का कारावास या आर्थिक दण्ड या दोनों, यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है, यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है, आईपीसी धारा 152 को बीएनएस धारा 195 में बदल दिया गया है

ऐसे में राहुल गांधी के लिए आने वाला वक्त मुश्किलों भरा हो सकता है और अमेरिका में दिए गए उनके बयान की वजह से उनकी मुसीबत बढ़ सकती है और अगर इस मामले में राहुल गांधी को सज़ा हुई तो उनकी सांसदी भी जा सकती है, क्योंकि नियम के तहत 2 साल या उससे ज़्यादा की सज़ा होने पर नियम के अनुसार सांसदी चली जाती है, पिछली बार भी राहुल गांधी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था, जब मोदी सरनेम की वजह से वो फँस थे और सूरत की कोर्ट ने उन्हें सज़ा दी थी, जिसके बाद राहुल का सांसदी चली गई थी, बंगला ख़ाली करना पड़ा था, हालांकि सुप्रीम कोर्ट से राहुल को राहत मिली थी और सांसदी बहाल हो गई थी, देखना होगा कि अबकी उनके साथ क्या होता है।
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