Advertisement
कनाडा ने अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप, भारत ने लगाई फटकार कहा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे
भारतीय गृहमंत्री अमित शाह पर कनाडा द्वारा लगाए गए बेतुके आरोप पर भारत भड़क उठा है। भारत ने कनाडा को चेतावनी दी है कि इस तरह की गैर जिम्मेदाराना हरकतों से द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडाई उच्चायोग के प्रतिनिधि को तलब करते हुए कड़ा विरोध जताया है। बीते साल से खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ही दोनों देशों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं।
Advertisement
कनाडा द्वारा भारत के गृहमंत्री अमित शाह पर लगाए गए बेतुके आरोप पर भारत भड़क उठा है। भारत ने कनाडा को चेतावनी दी है कि इस तरह की गैर जिम्मेदाराना हरकतों से द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे। आपको बता दें कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडाई उच्चायोग के प्रतिनिधि को तलब करते हुए कड़ा विरोध जताया है। बीते साल से खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ही दोनों देशों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे। कनाडा पर भारत द्वारा खालिस्तानी आतंकियों को समर्थन देने और उनको शरण देने का आरोप लगता रहा है। कई खालिस्तानी आतंकी कनाडा में बैठकर भारत को लगातार धमकी दे रहे हैं और कई देश विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं।
बता दें कि कनाडा ने गृहमंत्री अमित शाह पर बड़ा आरोप लगाया था। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा ने कहा था कि " अमित शाह कनाडा की धरती पर सिख अलगाववादियों को निशाना बनाने की साजिश के पीछे थे"। कनाडा के उप विदेश मंत्री डेविड मॉरिसन ने एक संसदीय पैनल में वाशिंगटन पोस्ट में बताया था कि शाह साजिशों के पीछे थे। इस मामले पर अमेरिका ने भी शाह पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी । विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि "कनाडा सरकार द्वारा लगाए गए आरोप चिंताजनक है और हम उन आरोपों के बारे में कनाडा सरकार से परामर्श करना जारी रखेंगे"।
Advertisement
Advertisement
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा " हमने कल कनाडाई उच्चायोग के प्रतिनिधि को तलब किया था। 29 अक्टूबर को ओटावा में सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर स्थाई समिति की कार्यवाही के संदर्भ में एक राजनयिक नोट सौंपा गया है। उस नोट में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा उप-मंत्री डेविड मॉरिसन द्वारा समिति के समक्ष भारत के गृहमंत्री अमित शाह के बारे में बेतुके और निराधार संदर्भों का कड़े शब्दों में विरोध करती है"। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमित शाह पर लगाया गए आरोप बेतुके और निराधार हैं।
Advertisement
यह भी पढ़ें
भारत सरकार से कनाडा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि " वह भारतीय अधिकारियों की ऑडियो और वीडियो की निगरानी कर रहे हैं। हमारे कुछ गणराज्य दूतावास अधिकारियों को हाल ही में बताया गया है कि वे ऑडियो और वीडियो की निगरानी में हैं और यह लगातार जारी हैं। उनके कम्युनिकेशन को भी बाधित किया गया है। हमने कनाडा सरकार के समक्ष औपचारिक रूप से अपना विरोध जताया है। इसे हम प्रासंगिक राजनयिक और वाणिज्य दूतावास सम्मेलनों का घोर उल्लंघन मानते हैं। तकनीकी पहलुओं का हवाला देकर कनाडा सरकार इस तथ्य को उचित नहीं ठहरा सकती। हमारे सभी राजनयिक और दूतावास अधिकारी पहले से ही उग्रवाद और हिंसा के माहौल में काम कर रहे हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रुडो पर लगातार खालिस्तानियों का समर्थन करने का और कई खालिस्तानियों के साथ अच्छे संबंध का भी आरोप लगता रहा है। वह कनाडाई संसद में भी कई बार खालिस्तानियों से बातचीत करते नजर आए हैं। उनकी पार्टी में कई खालिस्तानी नेता शामिल है। यहां तक कि उनकी सरकार भी कई खालिस्तानी नेताओं के समर्थन से चल रही है। हाल ही में जस्टिन ट्रुडो को लेकर कनाडा में एक तबका तगड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है।