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‘लोगों को कट्टरपंथी बनाने के इरादे से फोन किया…’, JMB के ’अली हुसैन’ की गिरफ्तारी पर बोले सीएम सरमा, बांग्लादेश से सटी असम की सीमा पर हाई अलर्ट
अली हुसैन बेपारी के गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि JMB राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने बताया कि नंबर मिलने के बाद JMB के सदस्य उन लोगों को कट्टरपंथी बनाने के इरादे से फोन किया करते थे.
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असम के धुबरी जिले के कई लोगों लोगों के फोन नंबर कट्टरपंथी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) को उपलब्ध कराने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है. जिसका नाम अली हुसैन बेपारी है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि JMB राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने बताया कि नंबर मिलने के बाद JMB के सदस्य उन लोगों को कट्टरपंथी बनाने के इरादे से फोन किया करते थे.
प्रेस कांन्फ्रेस में सीएम सरमा ने क्या कहा?
बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस शख्स को गिरफ्तार किया गया है वो भारतीय नागरिक है, जो JMB को धुबरी जिले के कई लोगों के फोन नंबर मुहैया करा रहा था वो नंबर देने वाला मुख्य जरिया था. सीएम ने सरमा ने बताया कि JMB के सदस्य उन लोगों को कट्टरपंथी बनाना चाहते थे और इसी मकसद से उन्हें फोन किया करते थे.
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बांग्लादेश की सीमा से लगे जिलों में कड़ी निगरानी
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उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार शख्स अली हुसैन बेपारी को इससे पहले भी गिरफ्तार किया गया था, हालांकि उसे जमानत मिल गई थी और वह बाहर आ गया था. सीएम सरमा ने कहा कि बांग्लादेश की सीमा से लगे धुबरी और दक्षिण सलमारा जिलों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से दक्षिण सलमारा शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन हाल के दिनों में धुबरी में कई गतिविधियां हुई हैं. इसलिए कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान रात में देखते ही गोली मारने के आदेश जारी रखने का फैसला किया है.
‘सईदा हामिद के खिलाफ नहीं किया जाएगा केस दर्ज ’
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वहीं योजना आयोग की पूर्व सदस्य सईदा हामिद के मुद्दे पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सईदा हामिद के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि ‘अगर मैं प्राथमिकी दर्ज करा दूं, तो वह केस लड़ने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से चंदा इकट्ठा करेंगी. इससे उन्हें सिर्फ फायदा ही होगा.’
आपको बता दें कि सईदा हामिद ने अपने एक बयान में कहा था कि बांग्लादेशी भी यहां रह सकते हैं. इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वह असम वापस आती हैं तो राज्य सरकार कानून के अनुसार जो भी करना होगा वो करेगी. इसके साथ ही राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के संबंध में सीएम ने आरोप लगाते हुए कहा कि असम के लोगों के साथ धोखा हुआ है, क्योंकि लिस्ट में कई विसंगतियां हैं और कई संदिग्ध प्रविष्टियां हैं.