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LoC पर चली गोलियां... नौगाम सेक्टर में PAK की फायरिंग सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब, क्या माना जाएगा सीजफायर उल्लंघन?

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तानी सैनिकों ने नौगाम सेक्टर में फायरिंग की। भारतीय सेना ने भी कड़ा जवाब देते हुए कई राउंड फायर किए. किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. सेना ने इसे औपचारिक सीजफायर उल्लंघन नहीं माना है. इससे पहले इसी महीने पुंछ के बालाकोट सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम की गई थी.

Indian Army (File Photo)
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जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा (LoC) एक बार फिर तनाव का केंद्र बनी है. इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तानी सैनिकों ने छोटे हथियारों से फायरिंग की, जिसके जवाब में भारतीय सेना ने भी सख्त रुख अपनाया. सैन्य सूत्रों के मुताबिक, कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में पाकिस्तानी चौकियों से चार राउंड फायर किए गए. इसके बाद भारतीय जवानों ने करीब बीस राउंड फायर कर जवाब दिया. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह की हताहत की सूचना नहीं है.

सेना पूरी तरह से अलर्ट 

सेना के सूत्रों का कहना है कि इसे औपचारिक रूप से सीजफायर उल्लंघन नहीं माना जा रहा है. अभी तक सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. लेकिन घटनाक्रम ने नियंत्रण रेखा पर हालात को एक बार फिर गंभीर बना दिया है. दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब सीमा पर तनाव देखने को मिला हो. इसी महीने की शुरुआत में पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में संदिग्ध घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम किया था. उस दौरान भी दोनों ओर से छोटे हथियारों से फायरिंग हुई थी. सेना ने बयान में बताया था कि 1 सितंबर को सुबह करीब 5:30 बजे व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी. सतर्क जवानों ने तुरंत फायरिंग की जिससे घुसपैठ की कोशिश नाकाम हो गई. इसके बाद इलाके में निगरानी और गश्त और भी मज़बूत कर दी गई.

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डोमिनेशन मोड में सभी चौकियां

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सेना का कहना है कि नियंत्रण रेखा पर चौकसी लगातार बढ़ाई जा रही है. सभी चौकियों को डोमिनेशन मोड में रखा गया है. यानी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखते हुए किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए संसाधनों का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है.

2021 के समझौते के बाद फिर से तनाव

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गौरतलब है कि 2021 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौते को फिर से लागू करने पर सहमति बनी थी. इसके बाद सीमा पर अपेक्षाकृत शांति बनी रही थी. लेकिन हाल के महीनों में घुसपैठ और फायरिंग की घटनाओं ने एक बार फिर हालात को तनावपूर्ण बना दिया है. जानकारों का मानना है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी और पाकिस्तान के भीतर आतंकी संगठनों की बढ़ती गतिविधियों के कारण नियंत्रण रेखा पर ऐसी घटनाओं में इजाफा हो सकता है.

भारतीय सेना का सख्त संदेश

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फिलहाल सेना की सतर्कता और तुरंत जवाबी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भारत किसी भी हाल में अपनी सीमा की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा. सीमा पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए भारतीय जवान पूरी तरह तैयार हैं.

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