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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण से शुरू हुई संसद का बजट सत्र, जानिए क्या कहा अपने संबोधन में

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के साथ शुक्रवार से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाकुंभ हादसे से लेकर एक देश-एक चुनाव को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात रखते हुए दिखाई दी।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के साथ शुक्रवार से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाकुंभ हादसे से लेकर एक देश-एक चुनाव को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात रखते हुए दिखाई दी। इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत विपक्षी दलों के कई बड़े नेता मौजूद रहे। 


 

महाकुंभ हादसा दु:खद 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "ऐतिहासिक महाकुंभ चल रहा है। यह हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक जागरण का पर्व है। देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में पवित्र डुबकी लगाई है। मौनी अमावस्या पर हुई दुर्घटना पर मैं अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।" राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "दो महीने पहले हमने अपने संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे किए और कुछ दिन पहले हमने 75 साल की अपनी यात्रा पूरी की। मैं सभी भारतीयों की ओर से बाबा साहब अंबेडकर और संविधान समिति के अन्य सभी सदस्यों को नमन करती हूं।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार ने आदिवासी समाज के पांच करोड़ लोगों के लिए 'धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान' शुरू किया है। इसके अलावा, सरकार ने युवाओं की शिक्षा और उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।"


हमें ग्लोबल पावर हाउस बनाना हैं 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "सरकार ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' और वक्फ संशोधन विधेयक की दिशा में भी कदम उठाए हैं। मेरी सरकार मध्यम वर्ग के अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, मेरी सरकार देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास करती है। सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाना है। देश में कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे, इसलिए मातृ भाषा में शिक्षा के अवसर दिए जा रहे हैं। विभिन्न भर्ती परीक्षाएं 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित कर भाषा संबंधित बाधाओं को दूर किया गया है।"अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, "वह दिन दूर नहीं जब भारत में निर्मित गगनयान में एक भारतीय नागरिक अंतरिक्ष में जाएगा। कुछ दिन पहले स्पेस डॉकिंग में सफलता ने भारत के अपने स्पेस स्टेशन का मार्ग और आसान कर दिया है। विकसित भारत के निर्माण में किसान, जवान, विज्ञान के साथ ही अनुसंधान का बहुत बड़ा महत्व है। हमारा लक्ष्य भारत को ग्लोबल पावर हाउस बनाना है। देश के शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार करोड़ की लागत से अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन स्थापित किया गया है।" उन्होंने आगे कहा, "आज हमारे युवा स्टार्टअप से लेकर खेल और अंतरिक्ष तक हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रौद्योगिकी अपनाने के क्षेत्र में दुनिया को रास्ता दिखा रहा है। आज भारत डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। दुनिया के विकसित देश भी भारत की यूपीआई लेनदेन प्रणाली की सफलता से प्रभावित हैं। मेरी सरकार ने डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग सामाजिक न्याय और समानता के लिए एक उपकरण के रूप में किया है। इसके अलावा, एमएसएमई के लिए लोन गारंटी योजना और ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र देश के सभी क्षेत्रों में व्यापार को प्रोत्साहित कर रहे हैं।"


राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "मेरी सरकार साइबर सुरक्षा में दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डीपफेक सामाजिक, वित्तीय और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां हैं।" उन्होंने कहा, "यह संसद के लिए बहुत गर्व की बात है कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं, पुलिस में शामिल हो रही हैं और देश में कॉर्पोरेट्स का नेतृत्व भी कर रही हैं। हमारी बेटियां ओलंपिक पदक जीतकर देश को गौरवान्वित कर रही हैं।"
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