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Budget 2025: क्या मध्यम वर्ग को मिलेगी टैक्स में बड़ी राहत? PM मोदी के बयान से अटकलें तेज
बजट 2025 को लेकर देशभर में उत्सुकता बनी हुई है, खासकर मध्यम वर्ग के बीच। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र से पहले मां लक्ष्मी का स्मरण करते हुए कहा कि वे गरीबों और मध्यम वर्ग पर कृपा बनाए रखें। उनके इस बयान के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि इस बार बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव हो सकता है।
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संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान ने मध्यम वर्ग के बीच उम्मीदों की लहर दौड़ा दी है। प्रधानमंत्री ने धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी का स्मरण करते हुए कहा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि मां लक्ष्मी हमारे देश के गरीब और मध्यम वर्ग पर अपनी कृपा बरसाती रहें।" इस बयान के बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि आगामी बजट में मध्यम वर्ग को टैक्स में बड़ी राहत मिल सकती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को अपना आठवां बजट पेश करने जा रही हैं। मध्यम वर्ग, जो बढ़ती महंगाई और स्थिर आय के बीच पिस रहा है, को इस बार बजट से काफी उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है, जिससे मध्यम वर्ग को सीधा लाभ पहुंचेगा।
टैक्स स्लैब में संभावित बदलाव
वर्तमान में, 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% टैक्स लगता है। अटकलें हैं कि सरकार इस सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये तक कर सकती है, जिससे उच्च आय वर्ग के मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी। इसके अलावा, स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने की भी चर्चा है, जिससे टैक्सपेयर्स की टैक्सेबल इनकम कम होगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अपने अभिभाषण में मध्यम वर्ग की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा, "सरकारी योजनाओं से गरीबी रेखा से ऊपर उठे 25 करोड़ लोग 'नया मध्यम वर्ग' बना रहे हैं, जो भारत के विकास में नई ऊर्जा भर रहा है।" इससे संकेत मिलता है कि सरकार मध्यम वर्ग के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मध्यम वर्ग की उम्मीदें
मध्यम वर्ग को उम्मीद है कि बजट में उनकी आयकर देनदारी को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बढ़ती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्चों के बीच टैक्स में राहत उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करेगी। इसके अलावा, होम लोन पर ब्याज दरों में छूट, बचत योजनाओं में निवेश पर कर लाभ और बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष प्रावधानों की भी उम्मीद की जा रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करती है, तो इससे न केवल मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि उनकी क्रय शक्ति में भी वृद्धि होगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, सरकार को अपने राजस्व संतुलन का भी ध्यान रखना होगा, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
प्रधानमंत्री मोदी के बयान और राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण ने मध्यम वर्ग की उम्मीदों को बढ़ा दिया है। अब सबकी निगाहें 1 फरवरी 2025 को पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं। देखना होगा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरती हैं और क्या वाकई टैक्स में बड़ी राहत की घोषणा होती है।
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