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काली डायरी, कोडवर्ड, शरिया राज का ब्लूप्रिंट...UP ATS ने किया ‘मुजाहिदीन आर्मी’ का भंडाफोड़, पाकिस्तान से जुड़े तार

UP ATS ने लखनऊ में 'मुजाहिदीन आर्मी' नाम के आतंकी सगठन का भंडाफोड़ किया है. इसका मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा भी दबोच लिया गया है. उसके पास से जो काली डायरी मिली है उससे खौफनाक चीजों, साजिशों, मंसूबों का पता चला है. शरियत, हिंदुओं, जिहाद सहित सभी के लिए कोड निर्धारित थे और इसके तार केरल से लेकर पाकिस्तान तक जुड़ रहे हैं.

Mujahideen Army (Representational Image)
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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अपराध, आतंक और माफितंत्र के पूरे नेटवर्क को तबाह करने में लगी है. सरकार की खुली छूट के बाद यूपी एटीएस का नाम देश की सबसे तेजतर्रार एजेंसियों में शुमार किया जाने लगा है. और वो अपनी ताबड़तोड़ कार्रवाई के जरिए इसे सच भी साबित कर रही है. इसी कड़ी में ATS ने आतंकी संगठन 'मुजाहिदीन आर्मी' के नेक्सस, साजिश और मकसदों का भंडाफोड़ किया है. इस संगठन के मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा को लखनऊ से दबोच लिया गया है.

आपको बता दें कि UP ATS ने जिस 'मुजाहिदीन आर्मी' के सरगना और मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा को गिरफ्तार किया है उसके पास से एक काली डायरी भी बरामद हुई है. कहा जा रहा है इसमें शरिया कानून पर आधारित बड़े आतंकी हमलों की साजिश का पूरा ब्लूप्रिंट है. इस खुलासे और गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. उन्हें शक है कि रजा अपने संगठन के जरिए युवाओं को जिहाद के लिए भड़का रहा था.

काली डायरी में शरिया कानून का ब्लू प्रिंट

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यही नहीं, यूपी एटीएस ने मोहम्मद रजा की आतंकी साजिश और संगठन के आगामी मंसूबों का भी खुलासा किया है. रजा के पास से बराम काली डायरी में कोडवर्ड आधारित शरिया राज स्थापित करने का पूरा ब्लूप्रिंट मिला है. ATS सूत्रों के मुताबिक इस डायरी में 13 टीमें बनाने और उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपने का जिक्र है. डायरी के सातवें पन्ने पर "कौम खतरे में" और 14वें पन्ने पर उर्दू में "जिहाद की तैयारी" लिखा मिला. 

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हिंदू धर्म गुरुओं के लिए भी डायरी में कोड

भारत में भी ये आर्मी शरिया कानून लागू करने की साजिश रची जा रही थी. इसको लेकर भी ब्लू प्रिंट तैयार किया गया था. जांच में पता चला है कि इस समूह का मकसद हिंदुस्तान में इस्लामी राज स्थापित करने सहित अन्य आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना मकसद था. इसमें हर टीम को नंबर से दर्शाया गया था और वहीं हिंदू धर्म गुरुओं को "काफिर" का कोड दिया गया था. एजेंसियों को शक है कि रजा धार्मिक नेताओं को निशाना बनाने की साजिश कर रहा था. 

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केरल और पाकिस्तान से जुड़े मोहम्मद रजा के तार

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आपको बताते चलें कि मोहम्मद रजा यूपी के फतेहपुर का रहने वाला है. वो अपने केरल प्रवास के दौरान कट्टरपंथी संगठनों से जुड़ गया था. जानकारी के मुताबिक उसके मोबाइल से कई पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है. इन लोगों की बातचीत व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए होती थी जहां ये कोडवर्ड्स का इस्तेमाल करते थे. ये लोग खुफिया कोडवर्ड आधारित भाषा में चीजें तय करते थे जैसे कि मुलाकात की जगह को "लाइब्रेरी" और हथियार जुटाने को "दावत" का कोड दिया गया था. एटीएस का मानना ​​है कि रज़ा का नेटवर्क यूपी से लेकर केरल तक फैला हुआ है.

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