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इस फॉर्मूले के जरिए बीजेपी तय करेगी दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का नाम!

मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के सामने असमंजस की स्थिति के बीच अब एक फॉर्मूला सामने आया है। माना जा रहा है कि इसी फॉर्मूले के जरिए पार्टी मुख्यमंत्री के नाम को फाइनल करेगी।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव में 27 साल के वनवास को खत्म कर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री का चेहरा फिलहाल तय नही कर पाई है। सूत्रों के मुताबिक अभी नया मुख्यमंत्री के नाम का चयन करने में पार्टी को तीन से चार दिनों का और समय लग सकता है। मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के सामने असमंजस की स्थिति के बीच अब एक फॉर्मूला सामने आया है। माना जा रहा है कि इसी फॉर्मूले के जरिए पार्टी मुख्यमंत्री के नाम को फाइनल करेगी।

P फॉर्मूला पार्टी आलाकमान की करेगा मदद ?

विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री का नाम फाइनल करना है। इस रेस में कई नामों की चर्चा है। इनमें सबसे पहला नाम प्रवेश वर्मा का चल रहा है। इसके पीछे की वजह यह है कि पार्टी उन्हें आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को चुनाव में मात देने का ईनाम दे सकती है। वही परिवरवाद का आरोप से बचने के लिए भी पार्टी अलग-अलग नामों पर भी मंथन कर रही है। चर्चाओं के बाजार में कभी कोई नाम आगे चलता है तो कभी कोई नाम आ जाता है। आपको बता दें हाल में हुए अन्य राज्यों में भी बीजेपी प्रचंड जीत के बाद इस तरह से मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बढ़ाती रही है। अब यही स्थिति दिल्ली में भी देखने को मिल रही है। इस बीच दिल्ली का पूरा मामला 'पी' फॉर्मूलें पर टिका है। पहले पी से प्रवेश वर्मा और पी से पूर्वांचल इन दोनों 'पी' फेक्टर के बीच दिल्ली की कुर्सी पर फंसी दिख रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम को फ़ाइनल करने में पार्टी के आलाकमान इस पी' फॉर्मूलें पर विचार कर सकता है। इन चर्चाओं के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। यह मुलाकात और भी ज़्यादा अहम इसलिए हो जाती इससे एक दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा की रात में लगभग एक घंटे के मुलाकात में दिल्ली को लेकर चर्चा हुई थी। 

कोई नए नाम से चौंका सकती है बीजेपी 

बताते चले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक़्त अमेरिका है दौरे पर है। राजनीतिक सूत्रों की माने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका से लौटने के बाद ही बीजेपी के विधायक दल की बैठक होगी। यानी जब तक पीएम स्वदेश नही लौटतें तब तक मुख्यमंत्री के नाम को लेकर तमाम कयास लगते रहेंगे। इससे इतर आपको यह भी याद ही होगा कि बीजेपी ने जब-जब बीजेपी पूर्ण बहुमत के बाद जब भी सरकार बनाने में देरी करती है, तो कोई न कोई नया नाम जनता के सामने लाकर चौंकाती है। 

मुख्यमंत्री के नाम पर कब-कब BJP ने दिया सरप्राइज

आपको मध्य प्रदेश का विधानसभा चुनाव तो याद ही होगा जब साल 2023 में प्रदेश में पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ चुनाव जीती तब शिवराज सिंह चौहान का सीएम बनना तय माना जा रहा था लेकिन मध्य प्रदेश के लिए हफ्ते भर तक सोच विचार करने के बाद 11 दिसंबर को शिवराज सिंह चौहान की जगह मोहन यादव को मुख्यमंत्री चुनकर बीजेपी ने सरप्राइज दिया था। ठीक इसी तरह से पार्टी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी किया था। राजस्थान में चुनावी नतीजे के लगभग 9 दिन बाद पार्टी ने सुंधरा राजे की जगह भजनलाल शर्मा वही छत्तीसगढ़ में भी नतीजों के 7 दिन बाद 10 दिसंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई और रमन सिंह के नाम की जगह विष्णुदेव साय सीएम बनाने के फ़ैसला लिया।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को हुआ था। इसके बाद वोटों की गिनती 8 फरवरी को हुई। जिसमें आम आदमी पार्टी के बुरी तरह से हारी, पार्टी को 70 में से सिर्फ़ 22 विधानसभा सीटों पर जीत मिली, जबकि बीजेपी ने अपने 27 वर्षों के वनवास को खत्म करते हुए प्रचंड बहुमत के साथ 48 सीट जीतने में कामयाब रही। वही कांग्रेस पार्टी के तमाम चुनावी दावे और वादें खोखलें साबित हुए पार्टी के इस चुनाव में खाता तक नही खुला।
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