Advertisement

Loading Ad...

BJP ने ‘वीबी- जी राम जी’ योजना पर शुरू किया जागरुकता अभियान, सभी तक पहुंचाना ही मुख्य उद्देश्य, जानिए क्या है स्कीम?

बीजेपी ने ‘वीबी- जी राम जी’ योजना को देश भर में हर एक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए देशव्यापी जागरुकता अभियान शुरु किया है. ताकि इसका लाभ हर कोई उठा सके.

Loading Ad...

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हाल ही में पारित विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी–जी राम जी) एक्ट, 2025 के प्रावधानों को ग्रामीण भारत तक पहुंचाने और समझाने के लिए एक बड़े पैमाने पर जन जागरण अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान का नाम 'वीबी–जी राम जी जन जागरण अभियान' रखा गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में चलाया जाएगा.

‘योजना को सभी तक पहुंचाना ही मुख्य उद्देश्य’

यह निर्देश भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने जारी एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से सभी स्तरों पर पार्टी संगठनों को दिया. अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, किसानों, कृषि मजदूरों और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं तक योजना के लाभों को सरल भाषा में पहुंचाना है, ताकि वे इसकी वास्तविकता को समझ सकें.

Loading Ad...

‘मनरेगा’ का परिवर्तनकारी विकल्प है ये योजना?

Loading Ad...

'वीबी–जी राम जी' एक्ट को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का परिवर्तनकारी विकल्प बताया जा रहा है. इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों की गारंटीड मजदूरी रोजगार मिलेगा, जो पहले 100 दिन था. योजना का फोकस अब केवल रोजगार पर नहीं, बल्कि टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे, जल सुरक्षा, आजीविका सृजन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों पर है.  

यह एक्ट ‘’विकसित भारत 2047’ के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा

Loading Ad...

कार्यों को चार प्रमुख क्षेत्रों, जल सुरक्षा, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका संबंधित ढांचा और अत्यधिक मौसम घटनाओं से मुकाबला, में सीमित किया गया है. भाजपा का दावा है कि यह एक्ट 'विकसित भारत 2047' के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगा और उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करेगा. 

अभियान के तहत एक विस्तृत रोडमैप तैयार 

अभियान में विपक्ष द्वारा फैलाई गई गलत सूचनाओं का खंडन भी प्रमुखता से किया जाएगा, जिसमें योजना को किसान-विरोधी या गरीब-विरोधी बताने के आरोप शामिल हैं. अभियान के तहत एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जिसमें राज्य और जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है. 5-6 जनवरी को राज्य मुख्यालयों और 7-9 जनवरी को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा और जिला सम्मेलन, जिसमें सांसद, विधायक, पंचायत सदस्य और स्थानीय नेता शामिल होंगे.

Loading Ad...

इस योजना का व्यापक प्रचार किया जाएगा

इसके साथ ही गांव स्तर पर किसान-मजदूर चौपाल, घर-घर संपर्क, पदयात्रा, ट्रैक्टर रैलियों और बैलगाड़ी रैलियों का आयोजन होगा. साथ ही किसान संगठनों और मजदूर संघों के साथ समन्वय किया जाएगा. सोशल मीडिया, होर्डिंग्स, विज्ञापन और मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाएगा. 

यह भी पढ़ें

 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...