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दिल्ली में सरकार बनने के बाद लिटमस टेस्ट में पास हुई BJP, MCD उपचुनाव में जीत के साथ रेखा गुप्ता का शक्ति प्रदर्शन
दिल्ली MCD उपचुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 में से 7 सीटें जीतीं. AAP को 3 और कांग्रेस को 1 सीट मिली, जबकि एक सीट निर्दलीय के खाते में गई. शालीमार बाग में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के गढ़ में बीजेपी की बड़ी जीत हुई, जहां अनिता जैन ने 10,101 वोटों से बढ़त बनाई.
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Delhi MCD Election Result: दिल्ली में सत्ता की कमान रेखा गुप्ता के हाथों में आने के बाद हुए पहले चुनाव में बीजेपी का शानदार प्रदर्शन सामने आया है. एमसीडी (MCD) की 12 सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने 7 सीटों पर बड़ी जीत दर्ज की है. वहीं आम आदमी पार्टी को 3 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने एक सीट जीतकर एमसीडी में अपना खाता खोल लिया है. इसके अलावा, एक वार्ड में एक निर्दलीय प्रत्याशी ने तीनों बड़ी पार्टियों को मात देकर सभी को चौंका दिया है.
शालीमार बाग में बीजेपी की सबसे बड़ी जीत
दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में इस बार बीजेपी (BJP) ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के मजबूत गढ़ के तौर पर पहचान रखने वाले इस वार्ड में आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन चुनाव एकतरफा रहा. यह वही सीट है, जहां से रेखा गुप्ता पहले पार्षद थीं और उनके विधायक बनने के बाद उपचुनाव कराया गया था. उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी अनिता जैन ने 10,101 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की. अनिता को कुल 16,843 मत मिले, जबकि आप उम्मीदवार बबिता राणा 6,742 वोटों पर ही सिमट गईं.
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कांग्रेस को मिली राहत की खबर
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इसके अलावा पिछले लगातार तीन विधानसभा चुनावों में दिल्ली में अपना खाता तक न खोल पाने वाली कांग्रेस (Congress) के लिए एमसीडी उपचुनाव उम्मीद की किरण लेकर आया है. संगम विहार ए वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश चौधरी ने बीजेपी के सुब्रजीत गौतम को 3,628 वोटों के अंतर से मात देकर पार्टी को बड़ी राहत दी. सुरेश चौधरी को कुल 12,766 वोट और भाजपा को 9,138 वोट मिले. इस जीत के साथ कांग्रेस के एमसीडी में पार्षदों की संख्या 8 से बढ़कर 9 हो गई है.
AAP की क्या रही स्थिति?
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दिल्ली विधानसभा चुनाव की हार के बाद सत्ता से बाहर हुई आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) के लिए एमसीडी उपचुनाव के नतीजे भी राहत भरे नहीं रहे. पार्टी सिर्फ तीन वार्ड मुंडका, दक्षिणपुरी और नारायणा में जीत दर्ज कर सकी. दक्षिणपुरी में आप (AAP) उम्मीदवार राम स्वरूप कनौजिया ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए पार्टी को एक सीट दिलाई. मुंडका में भी आम आदमी पार्टी ने बीजेपी से सीट छीन ली, जहाँ AAP उम्मीदवार अनिल ने जीत हासिल की. यह वार्ड 2022 में बीजेपी के खाते में गया था. नारायणा वार्ड में भी AAP ने कब्ज़ा बनाए रखा और एक और सीट अपने पक्ष में कर ली. एमसीडी की पुरानी स्थिति पर नजर डालें तो निगम में पहले BJP के 116, AAP के 98, इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के 15, कांग्रेस के 8 और एक निर्दलीय पार्षद थे.
एमसीडी में अब कैसी तस्वीर बनी?
उपचुनाव के ताज़ा नतीजों ने दिल्ली एमसीडी का समीकरण बदल दिया है. बीजेपी की ताकत बढ़कर अब 123 पार्षदों तक पहुंच गई है. आम आदमी पार्टी की संख्या बढ़कर 101 हो गई है. सदन में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के 15 पार्षद, कांग्रेस के 9 पार्षद, जबकि 2 निर्दलीय सदस्य मौजूद रहेंगे. जानकारी देते चलें कि 30 नवंबर को जिन 12 वार्डों में उपचुनाव हुए, उनमें से 9 सीटें पहले बीजेपी के पास थीं, जबकि बाकी सीटों पर AAP के पार्षद थे. इस उपचुनाव में 38.51% मतदान दर्ज किया गया था. तुलना करें तो वर्ष 2022 में हुए 250 वार्डों के एमसीडी चुनाव में मतदान 50.47% तक पहुंचा था.
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बहरहाल, दिल्ली एमसीडी उपचुनाव के नतीजों ने एक बार फिर राजधानी की सियासी तस्वीर को नया मोड़ दे दिया है. बीजेपी ने जहां अपनी बढ़त मजबूत की है, वहीं AAP और कांग्रेस अब अगले चुनावी मुकाबलों के लिए नई रणनीति बनाने में जुट सकती हैं. कम मतदान प्रतिशत के बीच आए ये नतीजे आने वाले दिनों में दिल्ली की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत भी दे रहे हैं.