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ममता बनर्जी पर भाजपा नेताओं का पलटवार, 72 घंटे में आरोप साबित करने की दी चुनौती

चट्टोपाध्याय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो मैसेज जारी कर मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे या तो उचित समय के अंदर आरोपों को साबित करें या मानहानि की कार्यवाही का सामना करें.

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पश्चिम बंगाल भाजपा के दो वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दी कि वे कोयला तस्करी मामले में उनकी संलिप्तता के आरोपों को तय समय के अंदर साबित करें, नहीं तो मानहानि केस का सामना करें.

ममता बनर्जी पर भाजपा नेताओं का पलटवार

सुवेंदु अधिकारी के वकील ने पहले ही मुख्यमंत्री ममता को मानहानि का नोटिस भेजा है. नोटिस में सीएम ममता से 72 घंटे के भीतर सभी सबूत देने या सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह की मानहानि की कार्यवाही का सामना करने के लिए कहा गया है.

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चट्टोपाध्याय ने  वीडियो मैसेज जारी कर मुख्यमंत्री को दी चुनौती

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दूसरी ओर, चट्टोपाध्याय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो मैसेज जारी कर मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे या तो उचित समय के अंदर आरोपों को साबित करें या मानहानि की कार्यवाही का सामना करें.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के राज्य महासचिव जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को हाल ही में घोषित पार्टी की नई राज्य समिति में राज्य उपाध्यक्ष के पद पर प्रमोट किया गया है.

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दरअसल मुख्यमंत्री ममता ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी के मामलों से मिला पैसा चट्टोपाध्याय या अधिकारी के जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचा.

चट्टोपाध्याय ने  2021 में पत्रकारिता छोड़कर जॉइन की थी भाजपा

चट्टोपाध्याय ने यह भी बताया कि 2016 से 2020 तक पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी के चरम समय के दौरान वह पत्रकार थे. उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले पत्रकारिता छोड़कर भाजपा जॉइन की थी.

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चट्टोपाध्याय ने अपने वीडियो मैसेज में कहा, "2016 से 2020 तक मैंने एक पत्रकार के तौर पर पश्चिम बंगाल में कथित कोयला तस्करी घोटाले पर कई रिपोर्ट की थीं. मेरे पास अभी भी मेरी न्यूज रिपोर्ट के सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स हैं.

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अब तक एक भाजपा नेता के तौर पर मैंने राजनीति में आने से पहले एक पत्रकार के तौर पर इकट्ठा किए गए डॉक्यूमेंट्स को कभी सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन अब क्योंकि मेरी पर्सनल इमेज खराब हुई है, तो अगर जरूरत पड़ी, तो मैं उन डॉक्यूमेंट्स को सार्वजनिक कर दूंगा. क्या मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी की इमेज के लिए यह अच्छा होगा?" चट्टोपाध्याय ने आगे कहा, "मैं मुख्यमंत्री को चुनौती देता हूं कि वे 72 घंटे के अंदर इस मामले में सभी सबूत दें या कानूनी नतीजों का सामना करें."

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