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गुजरात में BJP ने खड़ी की नई टीम... हर्ष संघवी को मिला प्रमोशन, अल्पेश-हार्दिक हुए निराश, जानें इस फेरबदल के असली मायने

गुजरात में बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में मंत्रिमंडल का बड़ा फेरबदल किया है. भूपेंद्र पटेल की नई टीम में 25 मंत्री शामिल हैं, सिर्फ छह पुराने मंत्री हैं, जबकि हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर को जगह नहीं मिली. बीजेपी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ चुनावी रणनीति मजबूत करने का कदम उठाया है.

Harsh Sanghvi/ Alpesh Thakor/ Hardik Patel (File Photo)
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गुजरात में बीजेपी ने अपने संगठन और सरकार को नई ताकत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक बार फिर मंत्रिमंडल में फेरबदल किया है. गुरुवार को सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था और शुक्रवार को नई टीम का गठन किया गया. इस नए मंत्रिमंडल में कुल 25 मंत्री शामिल किए गए हैं, जिसमें केवल छह पुराने मंत्रियों को ही जगह मिली है. मंत्रिमंडल में हुए इस फेरबदल में एक बार फिर कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की राजनीति को मजबूत करने वाले हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर के हाथ निराशा लगी है.

दरअसल, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी करना है. बीजेपी ने मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव बीजेपी के लिए चुनावी रणनीति का हिस्सा है, ताकि पार्टी का प्रभाव हर क्षेत्र और समुदाय तक बना रहे.

छह पुराने मंत्रियों की वापसी

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भूपेंद्र पटेल की नई टीम में जिन छह पुराने मंत्रियों की वापसी हुई है, उनमें ऋषिकेश पटेल, कनुभाई देसाई, कुंवरजी बावलिया, प्रफुल पानसेरिया, परसोत्तम सोलंकी और हर्ष संघवी शामिल हैं. ये सभी मंत्री 2022 में भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली पहली सरकार में भी थे. इस बार भी इन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी गई है.

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इन छह नेताओं में से ऋषिकेश पटेल, कनुभाई देसाई और कुंवरजी बावलिया को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. परसोत्तम सोलंकी और प्रफुल पानसेरिया को राज्य मंत्री बनाया गया है, जबकि हर्ष संघवी को बड़ा प्रमोशन देकर उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है. हर्ष संघवी इससे पहले गृह राज्य मंत्री और परिवहन तथा खेल विभाग का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे थे.

10 पुराने मंत्रियों की छुट्टी

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भूपेंद्र पटेल की पहली सरकार में शामिल 16 मंत्रियों में से 10 नेताओं को नई टीम में जगह नहीं मिली. इनमें राघवजी पटेल, बलवंत सिंह राजपूत, भानुबेन बावरिया, मुलुभाई बेरा, कुबेरभाई डंडोर, बच्चूभाई खाबड़, जगदीश विश्वकर्मा, मुकेश भाई पटेल, भीमू सिंह परमार और कुंवरजी हलपति शामिल हैं. इस तरह से 10 पुराने मंत्रियों की टीम से छुट्टी कर दी गई है, जिससे नई सरकार में युवा और नए चेहरों को मौका मिला.

नई मंत्रिपरिषद में 25 मंत्रियों की टीम

भूपेंद्र पटेल की नई सरकार में मंत्रियों की संख्या 16 से बढ़ाकर 25 कर दी गई है. नए मंत्रिमंडल में कुल 26 सदस्य शामिल हैं, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी शामिल हैं. इस नए फेरबदल में 19 नए चेहरों को जगह दी गई है, ताकि नई ऊर्जा और सोच के साथ सरकार काम कर सके. नई टीम में शामिल कुछ प्रमुख नए मंत्रियों में त्रिकम छांगा, स्वरूपजी ठाकोर, प्रवीण माली, पीसी बरंड, दर्शना वाघेला, कांतिलाल अमृतिया, रीवाबा जाडेजा, अर्जुनभाई मोढवाडिया, डॉ. प्रद्युम्, कौशिक वेकारिया, जीतेंद्र भाई वाघाणी, रमणभाई सोलंकी, कमलेशभाई पटेल, संजय सिंह महीडा, रमेशभाई कटारा, मनीषा वकील, ईश्वर सिंह पटेल, डॉ. जयरामभाई गामित और नरेशभाई पटेल शामिल हैं.

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हर्ष संघवी को उपमुख्यमंत्री का बड़ा प्रमोशन

भूपेंद्र पटेल की नई मंत्रिपरिषद में सबसे बड़ा बदलाव हर्ष संघवी का प्रमोशन है. सूरत से आने वाले हर्ष संघवी को स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री से उपमुख्यमंत्री बना दिया गया है. पिछले चार साल से गुजरात में कोई डिप्टी सीएम नहीं था. हर्ष संघवी अब छठे उपमुख्यमंत्री बन गए हैं. इससे पहले नितिन पटेल राज्य के अंतिम डिप्टी सीएम थे. जानकारों के अनुसार, हर्ष संघवी को उपमुख्यमंत्री बनाना बीजेपी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है. राज्य में युवाओं और व्यापारिक समुदाय के बीच हर्ष संघवी की लोकप्रियता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. उनका प्रमोशन 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को और मजबूत करता है.

हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर फिर नहीं बने मंत्री

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नई मंत्रिपरिषद में कई नए चेहरे शामिल हुए हैं, लेकिन चर्चित नेताओं हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर को मंत्रिपरिषद में जगह नहीं मिली. हार्दिक पटेल पाटीदार आरक्षण आंदोलन से उभरे और गुजरात में एक लोकप्रिय युवा नेता बन गए हैं. वहीं ठाकोर समाज के अल्पेश ठाकोर ने भी अपनी सियासी पहचान बनाई है. बीजेपी में शामिल होने के बाद भी दोनों नेताओं को कैबिनेट में स्थान नहीं मिला. यह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी ने चुनावी समीकरण को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में संतुलन बनाया है, और इसके लिए कुछ पुराने और चर्चित नेताओं को बाहर रखना पड़ा.

इस बदलाव के क्या हैं मायने?

भूपेंद्र पटेल का यह कदम साफ संदेश देता है कि बीजेपी 2027 के चुनाव में पूरी तैयारी के साथ उतर रही है. नए चेहरे, क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है. पार्टी ने अनुभव और नई ऊर्जा का संतुलन बनाए रखा है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह फेरबदल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की नेतृत्व क्षमता को भी दिखाता है. पार्टी ने उनके नेतृत्व में नई टीम बनाकर चुनावी मोर्चे को मजबूत करने का दांव खेला है.

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बताते चलें कि गुजरात में बीजेपी का यह बड़ा फेरबदल राज्य की राजनीतिक तस्वीर को बदल सकता है. नई मंत्रिपरिषद में अनुभव और नई ऊर्जा का संतुलन है. उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी का प्रमोशन, पुराने और नए मंत्रियों का मिश्रण और हार्दिक-अल्पेश जैसे चर्चित नामों का बाहर रहना, यह सभी संकेत आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को दिखाते हैं. भूपेंद्र पटेल की नई टीम निश्चित रूप से राज्य में बीजेपी की पकड़ को मजबूत करने का प्रयास करेगी.

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