Advertisement

Loading Ad...

अमित शाह का एक इशारा और रात 11 बजे अनंत सिंह को गिरफ्तार करने पहुंचे SSP कार्तिकेय शर्मा! जानें Inside स्टोरी

मोकामा में दुलारचंद की हत्या में एक्शन का कनेक्शन दिल्ली से जुड़ रहा है. अमित शाह ने मोकामा में दुलारचंद हत्याकांड पर एक बयान दिया. जिसे पुलिस के लिए बड़ा इशारा माना गया और यहीं से जुड़ रहे हैं एक्शन के तार.

Loading Ad...

दुलारचंद यादव हत्याकांड में पुलिस ने 1 नवंबर की देर रात बड़ा एक्शन लेते हुए अनंत सिंह को अरेस्ट कर लिया. चुनावी सरगर्मी के बीच दुलारचंद यादव की हत्या से खौफ का माहौल था. सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग भी विपक्ष के निशाने पर था. इस बीच पुलिस की कार्रवाई ने अपराधियों तक बड़ा मैसेज पहुंचाया, लेकिन इस एक्शन की स्क्रिप्ट दिल्ली से आए एक कॉल के बाद ही लिखी जा चुकी थी. 

मोकामा में हुए दुलारचंद यादव की हत्याकांड ने बिहार में राजनीतिक जुर्म की कलई खोलकर रख दी. गृह मंत्री अमित शाह ने एक अखबार से की गई बातचीत में इस घटना पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा, मोकामा में हत्या हुई, यह ठीक नहीं है, गलत हुआ है. कानून कड़ी कार्रवाई करेगा. अमित शाह के इस बयान के बाद ही एक्शन के संकेत मिल गए थे. दूसरे दिन अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ और तीसरे दिन अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. ये गिरफ्तारी इसलिए भी अहम हो जाती है क्योंकि अनंत सिंह NDA के उम्मीदवार हैं. 

अनंत सिंह को गिरफ्तार करने रात में क्यों निकले SSP कार्तिकेय शर्मा? 

Loading Ad...

इस गिरफ्तारी की टाइमिंग पर काफी चर्चा हो रही है. रात के करीब 10.45 बजे पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा टीम के साथ निकले. उनके साथ बाढ़ मोकामा की स्थानीय पुलिस भी मौजूद थी. रात के घने अंधेरे में टीम ने मोर्चा संभाला. इस टाइमिंग के पीछे पुलिस की सोच ये थी कि, अनंत सिंह के समर्थक हंगामा या हमला नहीं कर पाएंगे. बात बाहुबली नेता अनंत सिंह की थी इसलिए SSP कार्तिकेय शर्मा ने कमान अपने हाथ में ली थी. वह बाढ़ के कारगिल मार्केट पहुंचे और वहां से अनंत सिंह को उनके दो सहयोगियों मणिकांत ठाकुर और रणजीत राम के साथ हिरासत में लिया गया. गिरफ्तारी के बाद सभी को पटना लाया गया. करीब 150 पुलिस वाले इस टीम में शामिल थे. इससे पहले खबर थी कि अनंत सिंह खुद समर्पण कर सकते हैं लेकिन पुलिस टीम ने फुर्ती दिखाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया. 

Loading Ad...

पुलिस ने कैसे की अनंत सिंह की घेराबंदी 

SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया, अनंत सिंह की गिरफ्तारी बाढ़ के बेढ़ना गांव से की गई है. सभी 150 पुलिसकर्मियों ने अनंत सिंह के घर को घेर लिया. फिर घर के जिस कमरे में अनंत सिंह मौजूद थे वहां SSP कार्तिकेय शर्मा अपनी टीम के साथ गए और अनंत सिंह को साथ लेकर बाहर निकले.

Loading Ad...

SSP कार्तिकेय शर्मा ने क्या बताया? 

SSP कार्तिकेय के शर्मा के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह साफ हो गया था कि, घटना के वक्त अनंत सिंह और उनके सहयोगी मौके पर मौजूद थे. इस दौरान आचार संहिता का भी उल्लंघन हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुलारचंद यादव के शरीर पर गोली और चोट के निशान मिले हैं, जो हत्या की पुष्टि करते हैं. पुलिस ने मोकामा टाल इलाके से कई अहम सबूत जमा किए हैं, जिनमें क्षतिग्रस्त गाड़ियां और पत्थरों के सैंपल शामिल हैं. खास बात यह है कि ये वही पत्थर हैं जो रेलवे ट्रैक पर इस्तेमाल होते हैं, जिससे यह संदेह गहराया है कि हमला पहले से सोची-समझी साजिश के तहत किया गया था.

अमित के बयान से मिला इशारा

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

मोकामा के सियासी समीकरण पर दिल्ली की नजर भी रहती है इस बार बात लॉ एंड ऑर्डर की थी. देश के गृह मंत्री अमित शाह ने खुद कार्रवाई की बात कही थी. जिसे पुलिस ने ऑर्डर की तरह लिया. सवाल चुनाव आयोग पर भी उठने लगे और पूरा सिस्टम ही निशाने पर आ गया. ये ही वजह है कि अमित शाह के बयान के महज कुछ घंटे के अंदर ही अनंत सिंह पर शिकंजा कस लिया गया. जिससे साफ होता है कि उनकी गिरफ्तारी अचानक नहीं बल्कि फुलप्रूफ प्लान के साथ की गई थी. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...