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इन मरीजों को बड़ी राहत.... अब योगी सरकार देगी अस्पताल तक आने-जाने का खर्च
CM Yogi: कई मरीज ऐसे होते हैं जो गरीब हैं, दूर-दराज़ इलाकों में रहते हैं या परिवहन सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं होती. ऐसे लोग अक्सर इलाज अधूरा छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी और बढ़ जाती है. सरकार की इस नई व्यवस्था के बाद मरीजों को हर अस्पताल विज़िट पर किराया मिलेगा
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CM Yogi: टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी लाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा और मददगार फैसला लिया है. अब एमडीआर टीबी (मल्टी-ड्रग-रेज़िस्टेंट टीबी) के मरीजों को घर से अस्पताल तक आने और वापस घर जाने के लिए किराया भी दिया जाएगा. यह मदद मरीज की दूरी के अनुसार 300 रुपये से 600 रुपये तक मिलेगी. जिले के टीबी क्लीनिक में फिलहाल 298 एमडीआर टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है और इनके लिए यह सुविधा काफी राहत देने वाली होगी. सरकार का उद्देश्य यह है कि कोई भी मरीज आर्थिक तंगी की वजह से अपना इलाज न छोड़े और समय पर जांच व दवा ले सके....
आर्थिक तंगी में फंसे मरीजों को बड़ी राहत
कई टीबी मरीज ऐसे होते हैं जो गरीब हैं, दूर-दराज़ इलाकों में रहते हैं या परिवहन सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं होती. ऐसे लोग अक्सर इलाज अधूरा छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी और बढ़ जाती है. सरकार की इस नई व्यवस्था के बाद मरीजों को हर अस्पताल विज़िट पर किराया मिलेगा, ताकि वे बिना परेशानी अपने फॉलोअप और जांच पूरी कर सकें. इस सुविधा से उम्मीद है कि मरीजों की नियमितता बढ़ेगी और उपचार पूरा होगा, जिससे टीबी उन्मूलन अभियान को गति मिलेगी.
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डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में आएगा किराया
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नई व्यवस्था के अनुसार, टीबी संदिग्ध हो या पहले से पंजीकृत मरीज दोनों ही वर्गों को अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक आने-जाने का किराया प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए दिया जाएगा. स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कई मरीज सिर्फ इसलिए चूक जाते थे क्योंकि उनके पास किराया नहीं होता था या उनके गाँव से अस्पताल तक आसानी से वाहन उपलब्ध नहीं होते थे. किराए की यह मदद मिलने से मरीज समय पर पहुंच सकेंगे और इलाज बीच में नहीं रुकेगा.
मुफ्त इलाज और प्रोत्साहन राशि भी जारी
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सरकारी अस्पतालों में 6500 टीबी मरीजों को और निजी अस्पतालों में 2650 मरीजों को पहले से ही मुफ्त इलाज मिल रहा है. इसके अलावा सरकार टीबी मरीजों को इलाज के दौरान मजबूती देने के लिए 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी देती है. अब किराए की नई सुविधा जुड़ जाने से मरीजों को इलाज के दौरान आर्थिक चिंता कम होगी. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इससे न केवल फॉलोअप बढ़ेंगे बल्कि टीबी खोज दर (case detection rate) में भी सुधार आएगा.
पहल अच्छी, लेकिन बजट का इंतज़ार - जिला टीबी अधिकारी
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जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. वाई प्रसाद का कहना है कि यह कदम बहुत सकारात्मक है और इससे टीबी मरीजों को बड़ी सहूलियत मिलेगी. इससे उम्मीद है कि मरीजों के उपचार छोड़ने के मामले कम होंगे. हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक इस व्यवस्था के लिए शासन से कोई बजट नहीं भेजा गया है, इसलिए इसका क्रियान्वयन बजट जारी होने के बाद ही पूरी तरह शुरू हो पाएगा.