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योगी सरकार का बड़ा फैसला, यूपी में अब छोटे घर और दुकानों का नक्शा सिर्फ 1 रुपये में होगा पास
CM Yogi: एलडीए की टीम ने मौके पर पहुँचकर पूरी अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया और लोगों को चेतावनी दी कि बिना मान्यता के प्लॉटिंग करना कानूनन अपराध है.
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UP House Map Only 1 Rupees: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आम लोगों को बड़ा फायदा दिया है. अब अगर कोई व्यक्ति 100 वर्ग मीटर तक का घर या 30 वर्ग मीटर तक का छोटा व्यवसायिक निर्माण (जैसे छोटी दुकान या ऑफिस) बनवाता है, तो उसे नक्शा पास करवाने के लिए सिर्फ 1 रुपया परमिट शुल्क देना होगा. पहले इसको लेकर नियम साफ नहीं थे, इसलिए कई विकास प्राधिकरण अपनी मनमानी कर रहे थे. लेकिन अब सरकार ने स्पष्ट नियम जारी कर दिए हैं ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो और वे आसानी से अपना नक्शा पास करवा सकें.
नए नियम क्या कहते हैं?
राज्य के प्रमुख सचिव (आवास) पी. गुरुप्रसाद ने ‘उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (प्रथम संशोधन) नियमावली–2025’ जारी कर दी है. इन नए नियमों के अनुसार:
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बड़े व्यावसायिक भवनों पर शुल्क
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अब अगर कोई व्यावसायिक भवन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स, ऑफिस या मिश्रित उपयोग का भवन बनवाता है, तो उसे
30 रुपये प्रति वर्ग मीटर भवन परमिट शुल्क देना होगा.
समूह आवास और सामान्य आवास पर शुल्क
समूह आवास पर: 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर
सामान्य आवास पर: 5 रुपये प्रति वर्ग मीटर
अगर भवन का परमिट बढ़ाना है, तो उसका शुल्क मूल शुल्क का 50% रहेगा.
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निरीक्षण शुल्क (Inspection Fees)
- निरीक्षण शुल्क भी अब बिल्कुल स्पष्ट कर दिया गया है.
- किसी भी भवन चाहे वह एक मंज़िल का हो या कई मंज़िला पर 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर निरीक्षण शुल्क देना होगा.
- 100 वर्ग मीटर तक के घर और 30 वर्ग मीटर तक की दुकान या व्यवसायिक निर्माण पर कोई भी निरीक्षण शुल्क नहीं लगेगा.
- निरीक्षण शुल्क केवल फर्श क्षेत्रफल पर लगेगा, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशान न होना पड़े.
क्यों ज़रूरी थी यह स्पष्टता?
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जनवरी में सरकार ने नियमावली जारी तो कर दी थी, लेकिन भवन विकास उपविधि (by-laws) आने तक कई बातें स्पष्ट नहीं थीं. जिस कारण नक्शा पास कराने वाले लोग परेशान होते थे और प्राधिकरणों को यह तय नहीं था कि किसको कितना शुल्क लगेगा. अब सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे और कोई भी विभाग अपनी मनमानी न कर सके.
लखनऊ में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई
उधर लखनऊ में मंगलवार को एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) ने जानकीपुरम विस्तार में नीलकंठ प्रॉपर्टीज की अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की. एलडीए ने बुलडोजर चलाकर वहाँ बनी सड़क, नाली, बाउंड्री वॉल आदि को तोड़ दिया.
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जोन-5 के ज़ोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह के अनुसार, तिवारीपुर गाँव के लगभग 4 बीघा जमीन पर बिना अनुमति के अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी. एलडीए की टीम ने मौके पर पहुँचकर पूरी अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया और लोगों को चेतावनी दी कि बिना मान्यता के प्लॉटिंग करना कानूनन अपराध है.