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महाराष्ट्र चुनाव से पहले शिंदे सरकार का बड़ा फ़ैसला, गाय को दिया 'राज्यमाता' का दर्जा
महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने हिंदू सनातन धर्म की आस्था को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फ़ैसला लिया है। सरकार ने गाय को रजयमाता का गोषित किया है।
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महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने हिंदू सनातन धर्म की आस्था को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फ़ैसला लिया है। सरकार ने गाय को रजयमाता का गोषित किया है। शिंदे सरकार ने भारतीय संस्कृति और प्राचीन काल में गाय के महत्व को ध्यान में रखते हुए इस आदेश को जारी किया है। भारतीय संस्कृति में देशी गाय की स्थिति, मानव आहार में देसी गाय के दूध की उपयोगिता, आयुर्वेद चिकित्सा, पंचगव्य उपचार पद्धति और जैविक कृषि प्रणालियों में देशी गाय के गोबर व गोमूत्र के महत्वपूर्ण स्थान हैं। ऐसे में लंबर समय से गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग चल रही है लेकिन इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने गाय को ‘राज्यमाता गौ माता’ घोषित करने की मंजूरी दे दी है।
गाय पालने के लिए सरकार देगी सब्सिडी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस आदेश को जारी करने के बाद कहा कि देसी गाय हमारे किसानों के लिए शुरू से एक वरदान के रूप में रही है। इसलिए हमारी सरकार ने ये दर्जा देने का फ़ैसला लिया और साथ में अब गाय के संवर्धन के लिए भी हमने चारे का इंतज़ाम किया है। इतना ही नहीं अब राज्य सरकार देसी गायों को पालने के लिए सब्सिडी योजना की शुरुआत भी करेगी।यह योजना महाराष्ट्र गौसेवा आयोग द्वारा ऑनलाइन लागू किया जाएगा। आज राज्य कैबिनेट की हुई बैठक में इस आदेश की मंज़ूरी भी दे दी गई है। बताते चले कि सोमवार को CM शिंदे की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें 38 फ़ैसलों को मंज़ूरी दी है। जिसमें राजस्व विभाग के अंतर्गत कोतवालों का वेतन दस फीसदी बढ़ाने, सैन्य स्कूलों के लिए संशोधित नीति लागू करने को भी मंजूरी मिली है। साथ ही CM शिंदे ने ठाणे सर्कुलर मेट्रो रेल परियोजना के काम में तेजी लाने की बात भी कही है।
चुनाव से पहले शिंदे का बड़ा फ़ैसला
बताते चले कि अब महाराष्ट्र में जल्द ही विधानसभा के चुनाव होने वाले है। ऐसे में हिंदू धर्म की आस्था को ध्यान में रकते हुए चुनाव से ठेक पहले इस फ़ैसले को एक बड़े फ़ैसले के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में चुनाव आयोग की टीम भी तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए दो दिवसीय महाराष्ट्र के दौरे पर थी। इस दौरान आयोग के अधिकारियों ने राज्य के राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक भी की थी। बताते चले कि महाराष्ट्र में वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
शंकराचार्य ने भी की थी माँग
ग़ौरतलब है कि ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी लंबे समय से सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की माँग कर रहे है। अपनी इसी माँग को लेकर शंकराचार्य फ़िलहाल भारत भ्रमण की यात्रा पर है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने आगे आते हुए बड़ा फ़ैसला लिया और गाय को राज्यमाता का दर्जा दे दिया है।
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