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दुर्गापुर MBBS छात्रा गैंगरेप केस में बंगाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल ट्रैकिंग से 3 आरोपियों को गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में 23 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना में पुलिस ने बड़ी कारवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जबकि दो आरोपी अभी फरार है जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है. पुलिस ने मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
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पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक गंभीर घटना की खबर सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है. एक 23 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा, जो ओडिशा के जलेस्वर की रहने वाली हैं, शुक्रवार की रात अपने एक पुरुष दोस्त के साथ कॉलेज कैंपस से बाहर निकली थीं. इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका पीछा करना शुरू किया और अश्लील टिप्पणियां की. इसके बाद छात्रा को जबरन एक सुनसान जगह पर ले जाया गया और उनके साथ गैंगरेप किया गया. इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर शिकायत दर्ज कर बड़ी कार्रवाई की है.
पुलिस ने मामले में की त्वरित कार्रवाई
दरअसल, घटना की जानकारी मिलते ही न्यू टाउनशिप पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया. पुलिस ने बताया कि मोबाइल नेटवर्क को ट्रैक कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं. फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल नेटवर्क और अन्य डिजिटल सबूतों को पुलिस ने जाँच में लिया है. इसके अलावा पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारियों और पीड़िता के साथ गए दोस्तों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. दोस्तों और अन्य संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके. पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, जो फरार दो आरोपियों की तलाश में लगातार काम कर रही है. पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं. पुलिस कैंपस के सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच कर रही है, जिससे अपराध की परिस्थितियों और आरोपियों की पहचान को सुनिश्चित किया जा सके.
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घटना को लेकर लोगों में आक्रोश
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इस घटना ने न केवल पीड़िता और उनके परिवार को बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. West Bengal Doctors’ Front (WBDF) ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की असुरक्षा का एक गंभीर संकेत बताया. संगठन ने न्याय की मांग करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश से मामले का संज्ञान लेने और न्यायिक जांच कराने की अपील की. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क करने और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पीड़िता के परिवार को ओडिशा सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी. मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की. राजनीतिक तौर पर भी इस घटना ने बड़ी हलचल मचाई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगातार विफल रहने का आरोप लगाया. वहीं, TMC की मंत्री शशि पांजा ने BJP पर आरोप लगाया कि वह इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है.
महिलाओं सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
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इस घटना ने यह सवाल भी उठाया है कि शैक्षणिक संस्थानों और उनके आसपास महिलाओं की सुरक्षा को कैसे सुनिश्चित किया जाए. यह मामला केवल अपराध का ही नहीं बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सुरक्षा और सम्मान के महत्व को भी सामने लाता है. इसको लेकर जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस की तत्परता और तकनीकी साधनों का सही उपयोग अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाता है. फ़िलहाल इस मामले में पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों की गिरफ्तारी मोबाइल ट्रैकिंग और गहन छानबीन का नतीजा है. जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है. पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थितियों में अपराधियों को छूट नहीं दी जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा. इस बीच पीड़िता का इलाज जारी है और वह डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित हैं. परिवार और समाज की ओर से उन्हें हर संभव मानसिक और भावनात्मक सहारा प्रदान किया जा रहा है. विशेषज्ञ बताते हैं कि इस तरह की घटनाओं में पीड़िता को सहारा और सुरक्षा देना समाज की जिम्मेदारी है.
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बताते चलें कि दुर्गापुर में हुई यह घटना ममता सरकार के कानून व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. क्योंकि बीते कुछ महीनों में राज्य के तमाम अलग-अलग शहरों से कई ऐसी घटना सामने आई है जिसने पश्चिम बंगाल की छवि को धूमिल करने का काम किया है.