Advertisement

Loading Ad...

UP के भीख मांगने वाले बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में बढ़ाएंगे देश का मान, इस मार्चिंग बैंड का बनेंगे हिस्सा

Republic Day 2026: प्रशासन और एक गैर-सरकारी संस्था की पहल से ये बच्चे 26 जनवरी को लखनऊ में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने जा रहे हैं. यह सिर्फ एक परेड नहीं, बल्कि इन बच्चों के लिए अभाव और संघर्ष से निकलकर सम्मान और पहचान तक पहुंचने का एक बेहद खास सफर है.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

Republic Day Parade 2026: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सड़कों पर भीख मांगने वाले और इधर-उधर छोटे-मोटे काम करने वाले 30 बच्चों की जिंदगी अब एक नया मोड़ ले चुकी है. प्रशासन और एक गैर-सरकारी संस्था की पहल से ये बच्चे 26 जनवरी को लखनऊ में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने जा रहे हैं. यह सिर्फ एक परेड नहीं, बल्कि इन बच्चों के लिए अभाव और संघर्ष से निकलकर सम्मान और पहचान तक पहुंचने का एक बेहद खास सफर है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसा मौका जिंदगी में बहुत कम लोगों को मिलता है.

मुख्यमंत्री के सामने करेंगे प्रदर्शन

ये सभी बच्चे गणतंत्र दिवस परेड के दौरान मार्चिंग बैंड टुकड़ी का हिस्सा बनेंगे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपना प्रदर्शन करेंगे. जिन बच्चों ने कभी सड़कों पर दिन गुजारा, आज वे अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति के साथ परेड करते नजर आएंगे. प्रशासन के मुताबिक, यह बच्चों के आत्मसम्मान को बढ़ाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

Loading Ad...

प्रशासन और ‘उम्मीद’ संस्था की संयुक्त पहल

Loading Ad...

यह पूरी पहल संभल जिला प्रशासन और गैर-सरकारी संगठन ‘उम्मीद’ के मिलकर किए गए प्रयासों का नतीजा है. ‘उम्मीद’ संस्था की प्रमुख रैना शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के निर्देश पर पूरे जिले में एक सर्वे कराया गया था. इस सर्वे में भीख मांगने वाले कुल 268 बच्चों की पहचान हुई. इनमें से 30 बच्चों को चुना गया, जिन्हें सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया गया और परेड के लिए तैयार किया गया. खास बात यह है कि इन बच्चों ने अब भीख मांगना पूरी तरह छोड़ दिया है.

योगी सरकार ने बनाया रिकॉर्ड, 23 लाख महिलाओं को मिला रोजगार, UP की अर्थव्यवस्था में आई नई रफ्तार

Loading Ad...

दस्तावेज पूरे, शिक्षा और प्रशिक्षण शुरू


चुने गए सभी 30 बच्चों के आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज पूरे कराए गए हैं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और शिक्षा का पूरा लाभ मिल सके. ये बच्चे 7 से 14 साल की उम्र के हैं. इन्हें बहजोई पुलिस लाइन में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. मार्चिंग, अनुशासन और बैंड की प्रैक्टिस करवाई गई. परेड में इस्तेमाल होने वाले सभी बैंड वाद्य यंत्र भी जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं.

बाकी बच्चों के लिए भी जारी है प्रयास

Loading Ad...


रैना शर्मा ने बताया कि सर्वे में चिन्हित किए गए बाकी बच्चों के दस्तावेज पूरे करने और उन्हें स्कूल से जोड़ने का काम भी लगातार जारी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा भीख मांगने को मजबूर न हो और सभी को शिक्षा और बेहतर भविष्य का मौका मिले.

आगे दिल्ली की परेड का भी सपना

‘उम्मीद’ संस्था की प्रमुख ने यह भी कहा कि ये बच्चे इस साल लखनऊ की गणतंत्र दिवस परेड में संभल जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे. अगर सब कुछ ठीक रहा और बच्चों का प्रदर्शन अच्छा रहा, तो आने वाले साल में नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए भी उन पर विचार किया जा सकता है.

Loading Ad...

‘भीख से सीख’ अभियान का उद्देश्य

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि इस पूरी पहल को ‘भीख से सीख’ नाम दिया गया है. इसका मकसद सिर्फ बच्चों को परेड में शामिल कराना नहीं, बल्कि भीख पर निर्भर परिवारों का पुनर्वास करना है.

यह भी पढ़ें

उन्होंने बताया कि लखनऊ की परेड के लिए चुने गए बच्चों का पहले संभल में प्रशिक्षण हुआ और अब लखनऊ में उनकी परेड की अंतिम तैयारी चल रही है. यह कहानी उन बच्चों के लिए एक नई शुरुआत है, जिनकी जिंदगी कभी सड़कों पर गुजरती थी, और आज वे देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय पर्व पर गर्व के साथ कदमताल करने जा रहे हैं.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...