Advertisement

Loading Ad...

'राह-वीर योजना' से बनें हीरो, हरियाणा में घायल की मदद करें और पाएँ 25 हजार रुपये

Haryana: कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि अगर वे कभी सड़क दुर्घटना देखें, तो पीछे नहीं हटेंगे. वे निस्वार्थ भाव से घायल की मदद करेंगे, राह-वीर बनकर मानव जीवन की रक्षा करेंगे और समाज व देश के निर्माण में अपना योगदान देंगे. यह पहल न केवल जान बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इंसानियत को मजबूत करने का भी संदेश देती है.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

Haryana: अब अगर सड़क पर किसी अनजान व्यक्ति का एक्सीडेंट हो जाए और आप उसकी मदद करें, तो यह आपके लिए जोखिम नहीं, बल्कि सम्मान की बात होगी. सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के लिए आम लोगों, खासकर छात्रों को आगे आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत हरियाणा के जिला सिरसा में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, प्रेम नगर में राह-वीर (नेक इंसान) योजना पर आधारित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम का मकसद लोगों की सोच बदलना और उन्हें यह समझाना था कि समय पर की गई छोटी-सी मदद भी किसी की ज़िंदगी बचा सकती है.

गोल्डन आवर की अहमियत समझाई गई


कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, जिसे “गोल्डन आवर” कहा जाता है. इसी एक घंटे में अगर घायल को सही मदद मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है. इस समय डरने या पीछे हटने के बजाय मानवता दिखाना सबसे जरूरी होता है. वक्ताओं ने समझाया कि एंबुलेंस आने से पहले भी आम लोग घायल को अस्पताल पहुंचाकर या 112 पर सूचना देकर बड़ा काम कर सकते हैं.  (Haryana)

Loading Ad...

राह-वीर योजना क्या है और क्यों जरूरी

Loading Ad...

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) अंबाला सुशील कुमार ने की. उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2025 में राह-वीर योजना को अधिसूचित किया है. इस योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को बिना किसी डर के सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद करने के लिए प्रेरित करना है. जो व्यक्ति किसी घायल की जान बचाने में मदद करता है, उसे “राह-वीर” कहा जाता है. जिला स्तरीय समिति द्वारा जांच और मूल्यांकन के बाद ऐसे राह-वीर को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाता है.

कानूनी डर अब पूरी तरह खत्म


Loading Ad...

डीटीओ ने साफ तौर पर बताया कि पहले लोगों को यह डर रहता था कि अगर उन्होंने किसी घायल की मदद की, तो पुलिस और कानूनी झंझटों में फंस जाएंगे. लेकिन अब यह डर पूरी तरह दूर कर दिया गया है. राह-वीर को किसी भी कानूनी कार्रवाई में जबरन शामिल नहीं किया जाएगा. अगर वह खुद चाहेगा, तभी उससे सहयोग लिया जाएगा. इसका मतलब यह है कि मदद करने वाला व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित रहेगा.

112 सेवा मौजूद, फिर भी आम लोगों की भूमिका अहम


उन्होंने बताया कि अंबाला जिले में 112 सेवा के तहत 34 आपातकालीन वाहन 24 घंटे काम कर रहे हैं. इसके बावजूद, जब तक मदद पहुंचती है, तब तक आम नागरिकों की भूमिका बेहद जरूरी होती है. 112 पर तुरंत सूचना देना, घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाना या प्राथमिक उपचार देना ये सभी काम एक राह-वीर कर सकता है और किसी की जान बचा सकता है.

Loading Ad...


छात्रों ने लिया नेक संकल्प

यह भी पढ़ें

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि अगर वे कभी सड़क दुर्घटना देखें, तो पीछे नहीं हटेंगे. वे निस्वार्थ भाव से घायल की मदद करेंगे, राह-वीर बनकर मानव जीवन की रक्षा करेंगे और समाज व देश के निर्माण में अपना योगदान देंगे. यह पहल न केवल जान बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इंसानियत को मजबूत करने का भी संदेश देती है.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...