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विजय चौक पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन, राष्ट्रपति मुर्मू,और पीएम मोदी हुए शामिल
बीटिंग रिट्रीट की शुरुआत रायसीना हिल्स पर डूबते सूरज की लालिमा की पृष्ठभूमि में भारतीय सैन्य बलों के बैंडों के धुनों से हुई। इस दौरान दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजय चौक पर राष्ट्रध्वज फहराया।
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नई दिल्ली के विजय चौक पर बुधवार शाम आयोजित बीटिंग रिट्रीट के साथ देश के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह का समापन हो गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम गणमान्य लोगों ने आम लोगों के साथ इसका आनंद उठाया।
बीटिंग रिट्रीट की शुरुआत रायसीना हिल्स पर डूबते सूरज की लालिमा की पृष्ठभूमि में भारतीय सैन्य बलों के बैंडों के धुनों से हुई। इस दौरान दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजय चौक पर राष्ट्रध्वज फहराया।
बीटिंग रिट्रीट समारोह में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल संगीतबद्ध देशभक्ति गीत 'ऐ वतन तेरे लिए' की धुन भी बजाई गई। देश भक्ति की भावना से ओत-प्रोत समारोह में थल सेना, नौसेना, वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के बैंड ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित विशिष्ट दर्शकों के सामने 30 फुट-टैपिंग भारतीय धुन बजाया।
'बीटिंग रिट्रीट' की शुरुआत 1950 के दशक आरंभ में हुई थी, जब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स ने सामूहिक बैंड द्वारा प्रदर्शन का अनूठा समारोह स्वदेशी रूप से विकसित किया था। यह सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है। यह समारोह बीते समय की याद दिलाता है जिसमें सूरज ढलने के बाद सैनिक लड़ाई बंद कर देते थे, अपने हथियार रख देते थे और रिट्रीट की आवाज सुनकर अपने शिविरों में लौट जाते थे।
यह समारोह हर साल गणतंत्र दिवस के तीन दिन बाद 29 जनवरी को नई दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित किया जाता है। इसमें भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बैंड द्वारा संगीतमय प्रदर्शन किया जाता है। भारत के राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के रूप में इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हैं।
इससे पहले 26 जनवरी को 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस विशेष कार्यक्रम के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। इस साल परेड में 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 10 मंत्रालयों/विभागों की झांकियां निकाली गई थीं।
Input: IANS
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