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फिर सुलगा ढाका! बांग्लादेश में यूनुस सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, हिंसा आगजनी के बाद प्रदर्शनकारियों ने दी चेतावनी
बांग्लादेश में एक बार फिर सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं. भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मोहम्मद यूनुस के आवास के बाहर जमा हुए और उग्र प्रदर्शन किया.
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बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं. इसस पहले राजधानी ढ़ाका फिर सुलग गई है. ढाका में युवाओं ने एक बार फिर विरोध की आवाज बुलंद करते हुए उग्र प्रदर्शन किया है. प्रदर्शनकारियों ने ढाका में कई जगह हिंसा, हिंसक झड़प और आगजनी को अंजाम दिया.
बांग्लादेश में 9वें राष्ट्रीय वेतनमान को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए गए. स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारी कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास ‘जमुना’ के पास पहुंचे. इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से उनकी झड़प हो गई. जिससे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई.
प्रदर्शनकारियों पर पर लाठीचार्ज-आंसू गैस
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हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों लाठीचार्ज के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़े. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों ने ‘जमुना’ के आसपास बैरिकेडिंग की. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया. इस दौरान प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे. यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) ने यह जानकारी दी.
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एक महिला प्रदर्शनकारी ने बताया कि वे सिर्फ वेतनमान संशोधन की मांग उठाने के लिए जमा हुए थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाईं. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. सरकारी कर्मचारियों की मांग है कि मौजूदा वेतन से परिवार चलाना मुश्किल है. उन्होंने सरकार पर अजीविका संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया.
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वहीं, पुलिस के साथ झड़प में कई लोग घायल हो गए. सरकारी कर्मचारियों ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की और पुलिस की कार्रवाई ऐसे ही जारी रही तो चुनावों को बहिष्कार करेंगे.
दिसंबर 2025 में भी हुआ प्रदर्शन
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इससे पहले दिसंबर महीने में भी बांग्लादेश सचिवालय में काम करने वाले विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था. उन्होंने वित्तीय सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद के कार्यालय में घेर लिया था. कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न भत्तों की मांग कर रहे हैं. 3 दिसंबर को बांग्लादेश सचिवालय के कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर दिसंबर तक वेतन आयोग को लेकर गजट अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे.