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बांग्लादेश के आर्मी चीफ ने अंतरिम सरकार की निकाली हवा, 9 महीने में ही घुटा मोहम्मद यूनुस का दम, इस्तीफा देने की दी धमकी
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं. यूनुस को देश में मौजूदा राजनीतिक हालात और उथल-पुथल ने परेशान कर दिया है. उन्होंने काम करने में आ रही परेशानियों के चलते इस्तीफा देने की इच्छा जताई है.
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भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में एक बार फिर सियासी भूचाल आने की संभावना दिखाई दे रही है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं. यूनुस देश में मौजूदा सियासी हालात से परेशान हैं. उन्होंने काम करने में आ रही परेशानियों के चलते इस्तीफा देने की इच्छा जताई है.
इस्तीफा देने पर क्यों विचार कर रहें यूनुस ?
बीबीसी बांग्ला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के कार्यवाहक पीएम मोहम्मद यूनुस का कहना है कि देश में वर्तमान हालात के मद्देनजर उनका राजनीतिक दलों के साथ तालमेल बनाकर काम करना बहुत मुश्किल होता जा रहा है. यूनुस ने गुरुवार को ढाका में एक एडवाइजरी काउंसलिंग की बैठक में बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर अपनी नाराजगी जताई. छात्र नेतृत्व वाली राष्ट्रीय नागरिक पार्टी के प्रमुख निहद इस्लाम ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि "हम सुबह से ही सर यूनुस के इस्तीफा की खबर सुन रहे हैं. इसके बाद मैं उनसे इस मामले पर बातचीत करने के लिए गया था. उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा देने के बारे में सोच रहे हैं. मौजूदा समय में वो बंधक जैसा महसूस कर रहे हैं. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में वह काम नहीं कर सकते. उनका मानना है कि जब तक देश के राजनीतिक दल आपस में आम सहमति नहीं बना लेते, तब तक यानी कि लंबे समय तक वह काम नहीं कर पाएंगे."
किसी भी वक्त दे सकते हैं इस्तीफा!
इस्लाम ने आगे कहा कि 'अगर बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियां यह चाहती हैं कि मोहम्मद यूनुस अभी इस्तीफा दे तो वह क्यों देंगे, जब तक उन्हें किसी तरह का आश्वासन ही नहीं मिलेगा. बता दें कि इससे एक दिन पहले बांग्लादेश आर्मी प्रमुख वकार-उज-जमान ने मोहम्मद यूनुस को कड़ी चेतावनी देते हुए दिसंबर तक चुनाव कराने का अल्टीमेटम दे दिया था. राष्ट्रीय नागरिक पार्टी के प्रमुख निहद इस्लाम इस साल के फरवरी में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के आशीर्वाद से सियासी परिदृश्य पर उभरे थे. अब उन्होंने अपनी तरफ से यूनुस को 'बांग्लादेश की सुरक्षा और भविष्य की खातिर मजबूत बने रहने और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कहा है.' उनका मानना है कि राजनीतिक दल एकता बनाएंगे और उनका सहयोग करेंगे.
बांग्लादेश में सरकार और सेना हुई आमने-सामने
बांग्लादेश के राजनीतिक जानकारों का मानना है कि म्यांमार सीमा पर मानवीय कॉरिडोर बनाने की योजना को लेकर सरकार और सेना आमने-सामने हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने गुप्त तरीके से अमेरिका के साथ मिलकर बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर एक मानवीय कॉरिडोर बनाने को लेकर डील की थी लेकिन बांग्लादेश आर्मी प्रमुख ने इस पर अपनी नाराजगी जताई थी. इसके बाद से ही राजनीतिक दलों के अलावा मोहम्मद यूनुस सेना के निशाने पर भी आ गए हैं. यानी अब मोहम्मद यूनुस अपनी ही अंतरिम सरकार में चौतरफा घिर गए है.
गौरतलब है कि मोहम्मद यूनुस का इन दिनों बांग्लादेश के भीतर काफी विरोध देखने को मिल रहा है. देश के तमाम राजनीतिक दलों से लेकर छात्र संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. विपक्षी पार्टियां इस साल के अंत तक चुनाव कराने और महफूज आसिफ, खलीलुर्रहमान जैसे नेताओं को सत्ता से बाहर किए जाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही हैं. जानकारी देते चलें कि पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में तख्तापलट हुआ था. इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना भारी विरोध के बीच अपनी जान बचाकर भारत आ गई थीं. उस दौरान प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाया गया था.
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