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पाकिस्तान में तेल और खनिज भंडार पर बलूचिस्तान का बड़ा दावा, मुनीर ने ट्रंप को गुमराह किया !

पाकिस्तान में तेल और खनिज भंडार जैसे प्राकृतिक संसाधनों को लेकर किए जा रहे दावों पर बलूच नेता मीर यार बलूच ने कड़ी आपत्ति जताई है. बलूच नेता ने कहा, मुनीर ने ट्रंप को गुमराह किया है. वास्तव में तेल और खनिज भंडार 'रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान' के हैं, न कि पाकिस्तान के.

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मीर यार बलूच ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन को पाकिस्तान की सेना, विशेष रूप से सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने 'पूरी तरह से गुमराह' किया है. इसी के साथ बलूच नेता ने पाकिस्तान को आतंकवाद को पनाह देने वाला देश बताया है. 

ट्रंप के दावों का बलूच नेता ने किया खंडन 

गुरुवार 31 जून को एक्स पर दिए अपने बयान में मीर यार बलूच ने ट्रंप के उस दावे को 'बड़ी गलतफहमी' बताया जिसमें उन्होंने क्षेत्र में मौजूद तेल और खनिज संसाधनों की बात की थी. बलूच नेता ने कहा कि ये संसाधन पंजाब में नहीं, बलूचिस्तान में हैं और इनका पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है.

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मीर यार ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, "आपका यह मानना सही है कि इस क्षेत्र में विशाल तेल और खनिज भंडार हैं, लेकिन आपको यह बताना जरूरी है कि पाकिस्तानी सेना, खासकर जनरल आसिम मुनीर और उनकी कूटनीतिक मशीनरी ने आपको गंभीर रूप से गुमराह किया है. तेल, प्राकृतिक गैस, तांबा, लिथियम, यूरेनियम और रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे खनिज भंडार पंजाब नहीं, बल्कि बलूचिस्तान में स्थित हैं और यह क्षेत्र पाकिस्तान का नहीं है, बल्कि एक रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान है जिस पर पाकिस्तान ने 1948 में अवैध रूप से कब्जा कर लिया था."

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ट्रंप ने अमेरिका-पाकिस्तान के बीच समझौते की कही थी बात 

ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा था कि "अमेरिका और पाकिस्तान ने एक समझौता किया है जिसके तहत वे पाकिस्तान में 'विशाल तेल भंडारों' का एकसाथ मिलकर विकास करेंगे. हो सकता है एक दिन पाकिस्तान भारत को तेल बेचे. हालांकि ट्रंप की इस घोषणा से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने भारत पर 25% टैरिफ लगाने और अन्य दंडात्मक टैक्स की बात भी कही थी.

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मीर यार बलूच ने ट्रंप को आगाह किया कि पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI, जिसे उन्होंने 'आतंकी संगठनों का संरक्षक' बताया, बलूचिस्तान की खनिज संपदा का इस्तेमाल आतंक को बढ़ावा देने के लिए करेगी, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होगा. उन्होंने कहा, पाकिस्तानी सेना और उसकी एजेंसी ISI को बलूचिस्तान के ट्रिलियन डॉलर कीमत के संसाधनों तक पहुंच देना एक रणनीतिक भूल होगी. इससे ISI की वित्तीय और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ेगी और वह दुनिया भर में आतंकवादी नेटवर्क फैला सकती है, जिससे 9/11 जैसे हमलों को दोहराने की संभावना भी बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से बलूच जनता को कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि इनका इस्तेमाल भारत और इजराइल के खिलाफ जिहादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में होगा, जिससे दक्षिण एशिया और पूरी दुनिया में अस्थिरता बढ़ेगी.

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