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Bahraich Violence : बहराइच हिंसा में कई पुलिस अफसरों की लापरवाही सामने आई! सीएम योगी ने लिया तगड़ा एक्शन।

बहराइच दंगे को लेकर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने सीएम योगी को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में कई पुलिस अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसके बाद इन अधिकारियों पर तगड़ा एक्शन होना तय माना जा रहा है।

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बहराइच दंगे में सीएम योगी आदित्यनाथ के निशाने पर कई बड़े अधिकारी आने वाले हैं। इन पर गाज गिरना और तगड़ा एक्शन होना तय है। सभी अधिकारियों की कई बड़ी लापरवाही सामने आई है। बता दें कि बहराइच दंगे के करीब एक हफ्ते बाद सीएम योगी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी गई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आखिर पुलिस अफसर दंगों को नियंत्रित करने में क्यों असफल रहे ? इसके साथ कौन से अधिकारी देर से पहुंचे थे। वहीं कई अधिकारियों को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है। उसके मुताबिक कई अधिकारी दंगे से सिर्फ 2 किलोमीटर की दूरी पर थे लेकिन ये सभी अधिकारी दंगे की खबर सुन दुकान में छिपकर बैठ गए थे। बता दें कि बहराइच दंगे को लेकर सीएम योगी ने डीजीपी प्रशांत कुमार,एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश, एसीएम होम दीपक कुमार और होम सेक्रेटरी संजीव गुप्ता के साथ बैठक की है। इस बैठक में दंगे की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी गई है। 

सीएम योगी ने अधिकारियों से पूछे कई सवाल 


बता दें कि जो रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपी गई है। उसमें बताया गया है कि बहराइच के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में दंगे के दौरान पर्याप्त पुलिस फोर्स नहीं थे। इस पर सवाल उठाए गए हैं कि क्या पहले से सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे और अगर थे तो उन्हें सही तरीके से लागू क्यों नहीं किया गया ? एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बहराइच का दौरा भी किया था। जिसके बाद उन्होंने वहां की हालात को देखकर यह रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपी। ऐसे में सीएम योगी बहराइच दंगे में लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों पर तगड़ा एक्शन लेने वाले हैं। इसके साथ पीडब्ल्यूडी द्वारा लगाए गए नोटिस और बुल्डोजर कार्रवाई के इंतजाम की भी जानकारी योगी को दी गई है। दंगाइयों के साथ आरोपियों के कई घरों पर यह कार्रवाई होने जा रही है। 

कैसे हुई थी बहराइच हिंसा ?


बता दें कि बीते रविवार को दुर्गा मूर्ति विसर्जन में बहराइच जिले के महसी तहसील क्षेत्र के महाराजगंज इलाके में दंगा हुआ था। जहां 
रेहुआ मंसूर गांव की मूर्ति विसर्जन यात्रा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से गुजर रही थी। डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच कहासुनी हुई। यात्रा के दौरान मूर्ति पर पथराव हुआ। जिसके बाद यात्रा में शामिल हिंदू उग्र हो गए। इस दौरान रेहुआ मंसूर गांव का 22 वर्षीय युवक रामगोपाल मिश्रा मूर्ति पर पत्थर फेंकने वाले मुस्लिम आरोपी के छत पर लगा  धार्मिक झंडा उखाड़ने लगा। मुस्लिम समुदाय के झंडे को फेंकने के बाद हाथ में भगवा झंडा लहराते हुए उसने कई नारे भी लगाए। फिर कुछ ही देर बाद आरोपियों ने रामगोपाल मिश्रा को घर के नीचे कमरे में ले जाकर कई गोलियां मारी। जिसके बाद युवक की कुछ घंटों बाद ही मौत हो गई। रामगोपाल की मौत की खबर सुनते ही यात्रा में शामिल लड़के मुसलमानों की दुकानों पर तोड़फोड़ करने लगे। कई घरों को जलाया गया और कई दुकानें तोड़ी गई। दंगे के बाद इलाके के कई मुस्लिम परिवारों ने अपने घर पर ताला मारकर फरार हो गए। फिलहाल मृतक युवक रामगोपाल मिश्रा के 
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