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जेल से निकलते ही पुलिस पर भड़के आजम खान... समर्थकों के बीच घिरे नजर आए सपा नेता, सामने आई बहस की VIDEO
सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद आजम खान जब रामपुर के लिए रवाना हो रहे थे, तो रास्ते में समर्थकों की भीड़ की वजह से उनके काफिले में जाम लग गया. इस दौरान आजम खान की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान मंगलवार को 23 महीनों के बाद जेल से बाहर आए. उनकी रिहाई को लेकर समर्थकों के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. आजम खान के जेल से बाहर आने के दौरान उनके परिवार सहित सैंकड़ों समर्थक नजर आए. जेल से बाहर आने के बाद आजम खान का फिर से वही पुराना अंदाज दिखा. ब्लैक चश्मा पहने मुस्कुराते हुए उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. हालांकि, उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी और पुलिस वालों से भी झड़प देखने को मिली. वहीं रास्ते में बैरिकेडिंग देखकर आजम खान का गुस्सा फूट पड़ा. आजम खान का पुलिस से बहस का एक वीडियो भी सामने आया है.
रामपुर की तरफ रवाना हुआ आजम खान का काफिला
सपा नेता आजम खान जब सीतापुर जेल से बाहर निकले, तो उस दौरान उनके दोनों बेटे अब्दुल्ला आजम और आदिब आजम उनके स्वागत में खड़े नजर आए. इस दौरान आजम खान सफेद कुर्ता-पायजामा पहने, चश्मा लगाए पुलिस के काफिले के साथ रामपुर की ओर रवाना किया गए. रास्ते में समर्थको की भारी भीड़ भी देखने को मिली, जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम हो गया. रामपुर पहुंचने पर पुलिस ने धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर भीड़ को इधर-उधर करने की कोशिश की, इससे आजम खान नाराज हो गए और पुलिस से उनकी तीखी बहस हुई.
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आजम खान की पुलिस अधिकारियों से हुई बहस
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सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद आजम खान जब रामपुर के लिए रवाना हो रहे थे, तो रास्ते में समर्थकों की भीड़ की वजह से उनके काफिले में जाम लग गया. इस दौरान आजम खान की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई. उनका जो वीडियो सामने आया है, उसमें पुलिस अधिकारियों से वह कहते नजर आ रहे हैं कि 'ये मेरे लोग नहीं हैं, ये सड़क पर चलने वाले यात्री हैं... इन्हें परेशान करने का क्या मतलब?... आप (पुलिस वाले) मेरे कारण लोगों को रोक रहे हैं...' उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल है.
पुलिस पर लगाया बड़ा आरोप
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आजम खान ने पुलिस पर नागरिकों को परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनके समर्थक चिल्ला रहे थे, लेकिन पुलिस ने सख्ती बरतते हुए ड्रोन से निगरानी की.
'उनके परिवार को न्याय मिला'
सपा नेता के बाहर आते ही सपा में सियासी हलचल तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के नेता और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि 'आजम खान के परिवार को न्याय मिला है. उनकी पार्टी परिवार के साथ खड़ी है.' शिवपाल ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया गया है. इसके लिए लड़ाई जारी रहेगी.
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सपा में शामिल होने की अफवाहों पर लगा विराम
सपा नेता शिवपाल यादव ने पार्टी के संस्थापक सदस्य आजम खान के जेल से बाहर आने के बाद उनके बसपा में शामिल होने को लेकर उड़ रही अफवाहों को लेकर कहा कि 'यह महज अफवाह है. आजम खान साहब का किसी अन्य पार्टी में शामिल होने का सवाल ही नहीं है. वह हमेशा समाजवादी पार्टी के साथ रहेंगे. पार्टी और नेतृत्व हमेशा उनके साथ खड़ी है और आगे भी रहेगी. वह कई फर्जी मामलों में फंसे हुए थे और हम जानते हैं कि इसके पीछे कौन था.'
केशव प्रसाद मौर्य ने बोला तीखा हमला
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यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आजम खान के जेल से बाहर आने के बाद सोशल मीडिया हैंडल X की पोस्ट में लिखा कि 'भले ही आजम खान BSP में चले जाएं, इसका 2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आजम खान SP में रहें या BSP में 2027 में दोनों की हार निश्चित है.'
'आजम खान खुद की अपनी नई पार्टी बनाएं'
वहीं मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि 'हाईकोर्ट के आदेश पर आजम खान सीतापुर जेल से रिहा हुए हैं. उनकी रिहाई पर मुस्लिम समाज में बेहद उत्साह है, क्योंकि वह पिछले कई माह से जेल में बंद थे और रामपुर की जनता तथा शहर के विकास के लिए उन्होंने कई अहम काम किए हैं. ऐसे में आजम खान जेल से बाहर आने के बाद पूरे प्रदेश में अपने बिखरे हुए साथियों को एकजुट करें और नई राजनीतिक पार्टी का गठन करें.'
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23 महीनों से जेल में बंद थे आजम खान
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बता दें कि सपा नेता आजम खान 23 महीनों से सीतापुर जेल में बंद थे. उन पर करीब 100 मुकदमे दर्ज हैं. इनमें से कई मामलों में उन्हें सजा हो चुकी है, जबकि कुछ मामलों में वह बरी भी हुए हैं. 52 मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है.