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बलूचों की आजादी पर प्रहार! अमेरिका ने BLA को घोषित किया आतंकी संगठन, PAK फौज की बर्बरता को मिली खुली छूट, मुनीर को मिला लाइसेंस!

अमेरिका ने बलूचिस्तान की आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसके सहयोगी संगठन मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है अमेरिका का यह फैसला पाकिस्तान को बलूच राष्ट्रवाद और आजादी की लड़ाई को कुचलने की और खुली छूट दे सकता है. यह आशंका गहराती जा रही है कि पाक सेना अब इस निर्णय को बलूचों के खिलाफ और ज़्यादा बर्बर दमन के लिए "लाइसेंस" की तरह इस्तेमाल करेगी.

Image: Majeed Brigade (File Photo)
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और इसकी सहयोगी मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) के रूप में नामित किया. यह घोषणा पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के हाल के अमेरिकी दौरे के दौरान हुई है. मजीद ब्रिगेड BLA का आत्मघाती दस्ता है.कई घातक हमलों की जिम्मेदारी लेने के बाद, अमेरिका ने बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और इसके सहयोगी संगठन मजीद ब्रिगेड को "विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO)" घोषित कर दिया है. 

मजीद ब्रिगेड के नाम से भी जाना जाने वाला यह गुट पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में सक्रिय है, जिसकी सीमाएं उत्तर में अफगानिस्तान और पश्चिम में ईरान से लगती हैं. BLA पिछले कई वर्षों से एक स्वतंत्र बलूचिस्तान के लिए संघर्ष कर रहा है और कई आत्मघाती हमलों की ज़िम्मेदारी ले चुका है. अमेरिका का यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक संतुलन के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है.

आपको बता दें कि बलूच विद्रोही संगठन BLA को अमेरिका पहले ही 2019 में आतंकी संगठन घोषित कर चुका था. अब अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने BLA के सहयोगी गुट मजीद ब्रिगेड को भी इस सूची में शामिल कर लिया है. कहा जा रहा है कि उसका यह कदम ट्रंप प्रशासन का एक ‘बैलेंसिंग एक्ट’ माना जा रहा है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के लिए ज़िम्मेदार TRF (The Resistance Front), जिसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है, पर भी प्रतिबंध लगाया गया था.

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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. मंत्रालय के अनुसार, इन संगठनों को आतंकी करार देना आतंकवादी गतिविधियों को मिलने वाले समर्थन को रोकने का एक प्रभावी तरीका है. बीएलए ने 2024 में कराची हवाई अड्डे और ग्वादर बंदरगाह के पास आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ली थी. इसी वर्ष मार्च में, क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण कर 31 नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की हत्या तथा 300 से अधिक यात्रियों को बंधक बनाया गया, जिसके पीछे भी बीएलए का ही हाथ बताया गया है.

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बलोचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे थे BLA
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बीएलए और मजीद ब्रिगेड को पाकिस्तान में कई हिंसक हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया है. पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान की आजादी और पाकिस्तानी सेना की दमनकारी नीति, किडनैपिंग, अत्याचार और जुल्म के खिलाफ लड़ रहे बीएलए, जिसे 2019 में विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, ने हाल के वर्षों में अपनी गतिविधियों को तेज किया है. कहा जाता है कि इस संगठन ने 2024 में कराची हवाई अड्डे और ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स पर आत्मघाती बम विस्फोटों की जिम्मेदारी ली.

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BLA का आत्मघाती दस्ता है मजीद ब्रिगेड
मजीद ब्रिगेड, बीएलए की आत्मघाती इकाई, ने 2018 में कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास और ग्वादर के पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल पर हमले किए. ये हमले विशेष रूप से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाते थे क्योंकि उन्हें पाकिस्तान पर आरोप है कि उसने बलूचों की जमीन को ड्रैगन के पास गिरवी रख दी है और उसके मुल्यवान खनिज पदार्थों का दोहन किया जा रहा है, इसकी लूट हो रही है.

बलूचियों के दमन को मिली पाक फौज को खुली छूट
भारत ने बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और बलोच आबादी के दमन पर लंबे समय से चिंता व्यक्त की है. बीएलए, जो बलोच लोगों के लिए स्वायत्तता या स्वतंत्रता की मांग करता है, ने पाकिस्तानी सरकार पर प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों के शोषण और बलोच समुदाय के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है. भारतीय विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि बीएलए को आतंकी संगठन घोषित करने से पाकिस्तान को बलोचिस्तान में अपनी सैन्य कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय वैधता के साथ और तेज करने का मौका मिल सकता है, जिससे क्षेत्र में अशांति बढ़ सकती है.

यह कदम अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत देता है, जो भारत के लिए चिंता का विषय है, विशेष रूप से तब जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ युद्ध और अन्य व्यापारिक तनाव चल रहे हैं.

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पहलगाम के गुनहगार फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर की बैक टू बैक अमेरिकी यात्रा ने भारत के कान खड़े कर दिए हैं. जून 2025 में पाकिस्तानी संघीय मंत्री कैसर अहमद शेख ने संकेत दिया था कि मुनीर बलोचिस्तान के खनिज संसाधनों पर सौदों के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं और हो सकता है कि इसे आतंकी संगठन घोषित करवाने के बदले मुनीर ने अमेरिका को अपनी जमीन ऑफर की हो, जिसके आरोप हमेशा से लगते रहे हैं. पाकिस्तान ने बार-बार भारत पर बीएलए को समर्थन देने का आरोप लगाया है, जिसे भारत ने दृढ़ता से खारिज किया है.  है.

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भारत ने बलोचिस्तान में जबरन गायब करने, गैर-न्यायिक हत्याओं और राजनीतिक असहमति को दबाने जैसे मानवाधिकार उल्लंघनों पर लगातार आवाज उठाई है. बीएलए को आतंकी संगठन घोषित करने से पाकिस्तान को अब और दमनकारी कार्रवाई का लाइसेंस मिल जाएगा. अमेरिका द्वारा बीएलए और मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित करना मानवाधिकार की वकालत करने वाले देशों के लिए एक झटका है. 

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