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वक्फ संशोधन बिल पर असदुद्दीन ओवैसी का बयान, रिपोर्ट को बताया असंवैधानिक

वक्फ के लिए बनी जेपीसी के अध्यक्ष बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने लोकसभा में रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा है। इसके बाद विपक्षी दलों ने इस रिपोर्ट को उनकी सहमति के बिना तैयार किए जाने का आरोप लगाया है।

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संसद के दोनों सदनों में गुरुवार का दिन काफ़ी हंगामे वाला रहा। वक्फ (संशोधन) विधेयक पर बनी जेपीसी ने अपनी रिपोर्ट लोकसभा और राज्यसभा के पटल पर रखी, इसके बाद विपक्षी दलों के सांसदों ने जमकर हंगामा काटा। वक्फ के लिए बनी जेपीसी के अध्यक्ष बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने लोकसभा में रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा है। इसके बाद विपक्षी दलों ने इस रिपोर्ट को उनकी 
सहमति के बिना तैयार किए जाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया है। 


ओवैसी ने दी प्रतिक्रिया 

वक्फ संशोधन बिल पर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवसी का कहना है, "यह बिल न सिर्फ असंवैधानिक है और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 29 का उल्लंघन करता है, यह वक्फ को बचाने के लिए नहीं बल्कि इसे बर्बाद करने और मुसलमानों से छीनने के लिए है। हम इस बिल की निंदा करते हैं। स्पीकर ने आश्वासन दिया है कि 70% सांसदों की असहमति रिपोर्ट के संशोधित संस्करण शामिल किए जाएंगे।"


वही समाजवादी पार्टी की फ़ैज़ाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद ने जेपीसी रिपोर्ट बारे में कहा "बिल के संबंध में जो हमारी पार्टी का सुझाव का उसे इस रिपोर्ट में पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। आज देश में सबसे बड़ी समस्या किसानों और बेरोजगारी की है। इससे आम जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह का बिल लाया गया है। बजट में किसानों का ख़याल नही रखा गया। आज हमने इस बिल का विरोध ही नहीं बल्कि बहिष्कार भी किया है।" इनके अलावा डिंपल यादव ने कहा विपक्षी सांसदो के असहमति नोट को वक्फ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया है। केंद्र सरकार मनमाने तरीके से काम कर रही है। वे ध्यान भटकाने के लिए इस रिपोर्ट को बजट सत्र के अंतिम दिन पेश किए है।
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