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गोपाल इटालिया पर हमले के बाद अचानक गुजरात दौरे पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, AAP कैडर में फूकेंगे जान!
आम आदमी पार्टी विधायक गोपाल इटालिया पर हुए हमले के बाद अचानक गुजरात दौरे पर पहुंच पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने ना सिर्फ कैडर बल्कि अपने विरोधियों को भी संदेश दिया है कि AAP को आगामी चुनाव में हल्के में लेना भारी पड़ सकता है.
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बीते दिनों गुजरात में आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया पर एक कार्यक्रम के दौरान जूता फेंकने की घटना हुई. इस हमले के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में गुस्से की लहर है. AAP ने इस घटना का जिम्मेदार कांग्रेस को ठहराया है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि इटालिया की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेस घबरा गई है. इतना ही नहीं, पार्टी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाया है.
इसी बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अचानक अपने तीन दिवसीय दौरे पर रविवार शाम गुजरात पहुंचे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे का फैसला महज औपचारिक कार्यक्रमों में सहभागिता नहीं, बल्कि हालात की गंभीरता को देखते हुए लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, केजरीवाल सबसे पहले उन किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलेंगे, जिन्हें कथित तौर पर सरकारी कार्रवाई के नाम पर जेल भेजा गया था और अब जमानत पर रिहा हुए हैं. इसके जरिए पार्टी अपने कैडर में बड़ा संदेश देना चाहती है.
दूरगामी मैसेजिंग है केजरीवाल का गुजरात दौरा!
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कहा जा रहा है कि गुजरात में केजरीवाल की इस यात्रा को लेकर जनभावना बेहद सकारात्मक है. पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग इसे एक दूरगामी मैसेजिंग और सकारात्मक कदम के तौर पर ले रहे हैं. इटालिया पर हमला कर उनके विरोधियों ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है. उनकी जनता के बीच में हिमायत बढ़ी है.
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राज्य में जहां बीजेपी की नई कैबिनेट और मंत्रिमंडल अभी चीजों को समझने की कोशिश कर रहे हैं, कांग्रेस अपने संगठन और विवादों में उलझी है, वहीं केजरीवाल का यह दौरा आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाई में जान फूंकने वाला साबित हो सकता है.
तीन दिनों तक गुजरात की राजनीति के केंद्र में रहेगा राजकोट!
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इन सब परिस्थितियों में अब तीन दिनों तक गुजरात की राजनीति का केंद्र राजकोट रहेगा. केजरीवाल के दौरे को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह दिख रहा है. यात्रा राज्य में आम आदमी पार्टी की बढ़ती ताकत की तरफ इशारा करती है. पूरे घटनाक्रम ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि गुजरात में लोगों की उम्मीदें बदली हैं और बदलाव की दिशा में आम आदमी पार्टी सबसे मज़बूत विकल्प बनकर उभर रही है.