Advertisement
Arvind Kejriwal Bail: जमानत के बाद भी बढ़ी केजरीवाल की Tension! नहीं कर पाएंगे मुख्यमंत्री का काम , सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
Arvind Kejriwal Bail: इस जमानत के मिलने पर केजरीवाल को थोड़ी टेंशन हो सकती है क्योकि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को जमानत के रूप में जड़ दिया है तमाचा। वही सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल के कामों पर लगा दी है कुछ शर्ते।
Advertisement
Arvind Kejriwal Bail: शराब निति घोटालें से जुड़े सीबीआई मामले में अरविन्द केजरीवाल को मिली राहत की सांस।सुप्रीम कोर्ट के इस जमानत से आम आदमी पार्टी के मंत्रियो का ख़ुशी का ठिकाना नहीं है। लेकिन इस जमानत के मिलने पर केजरीवाल को थोड़ी टेंशन हो सकती है क्योकि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को जमानत के रूप में जड़ दिया है तमाचा। वही सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल के कामों पर लगा दी है कुछ शर्ते। साथ ही चर्चा है की केजरीवाल तो जमानत पर आ गए , लेकिन क्या वो मुख्यमंत्री का काम कर पाएंगे? क्या वो किसी भी फाइल पर सिग्नेचर कर पाएंगे? इन्हीं सब चर्चाओं को क्लियर करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सफाई पेश की है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार में ...
केजरीवाल को नहीं मिलेगा ये विभाग (Arvind Kejriwal Bail)
केजरीवाल के जमानत पर उठे सवाल को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सफाई पेश करते हुए कहा है की ये सभी गलत सुचना चल रही है की दिल्ली के मुख्यमंत्री जमानत पर तो आ गए लेकिन वो किसी भी फाइल्स पर सिग्नेचर नहीं कर पाएंगे। आज का आदेश पीएमएलए मामले में 12 जुलाई को पहले ही पारित आदेश में अल्पविराम या पूर्ण विराम नहीं जोड़ता है। वही आगे कहते हुए कहा है की इस आदेश में केजरीवाल के पास कोई पोर्टफोलियो विभाग नहीं है।
केजरीवाल के अधिवक्ता ने बताया की वो वास्तव में भी पहले किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करते थे। वो सिर्फ एकमात्र एक विभाग की ही फाइल पर सिग्नेचर करते है, और वो फाइल उपराज्पाल के पास भेजी जाती है। वही 12 जुलाई के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने ये अंतर किया था की अरविन्द केजरीवाल उन सभी फाइल्स पर हस्ताक्षर कर सकते है जो उपराज्पाल के पास जायेगी। और दूसरी फाइल्स पर अन्य मंत्री साइन करेंगे। ये कहना सिर्फ राजनीति है और अफवाह है की वो किसी भी फाइल्स पर साइन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने आगे कहते हुए कहा की में केवल इतना ही कहूंगा की एक निर्वाचित मंत्री को इस तरह की घटिया रणनीति करके हटाया नहीं है जाना चाहिए।
Advertisement
यह भी पढ़ें
सुप्रीम कोर्ट की ये है कुछ शर्ते (Arvind Kejriwal Bail)
- सुप्रीम कोर्ट ने अरविन्द केजरीवाल को मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली सचिवालय में जाने पर लगा दी है रोक
- सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को तब तक आधारिक फाइल्स पर सिग्नेचर करने पर रोक लगा दी है जब तक कोई जरुरी आवश्यकता न हो।
- सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को किसी भी तरह के मौजूदा मामलो में अपनी भूमिका पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने पर भी लगाई रोक
- वही सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अपने केस के किसी भी गवाह से बातचीत या फिर किसी भी आधारिक फाइल्स को देखने पर लगाई सख्त रोक