Advertisement
एआर रहमान पर भारी पड़ी बयानबाजी, भड़के साधु-संत, बागेश्वर बाबा और देवेशचार्य महाराज की दो टूक, जावेद अख्तर ने भी कसा तंज
AR Rahman controversy: संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान के बाद साधु-संतों का गुस्सा फूट गया है. बागेश्वर बाबा से लेकर देवेशचार्य महाराज ने एआर रहमान के बयान पर नाराजगी जताई है.
Advertisement
ऑस्कर अवॉर्ड विनर और सिनेमा के दिग्गज संगीतकार एआर रहमान अपने हालिया बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में बॉलीवुड में उन्हें कम काम मिल रहा है. हिंदी सिनेमा में अब सांप्रदायिकता देखने को मिलती है. रहमान के इसी बयान पर देश में सियासत गरमा गई है. सिनेमा जगत से लेकर देश के सांधु-संतों ने भी इसकी आलोचना की है.
देवेशचार्य महाराज ने जताई नाराजगी
एअर रहमान के बयान पर विरोध जताते हुए सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी देवेशचार्य महाराज ने कहा, ‘एआर रहमान, जिन्हें सांप्रदायिक कहा जा रहा है, एक महान कलाकार हैं. ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए. उन्होंने अवसर मिलने पर काम किया. अब जब उन्हें काम नहीं मिल रहा है, तो आप इस तरह की बातें नहीं कर सकते हैं.’
Advertisement
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा?
Advertisement
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘पहले ‘ग’ से ‘गणेश’ पढ़ाया जाता था, फिर लोगों को दिक्कत होने लगी कि यह संप्रदायिक है, फिर ‘ग’ से ‘गधा’ पढ़ाया जाने लगा और बच्चे गधे होते जा रहे हैं. भारत में सेक्युलारिज्म का कीड़ा काट रहा है, और देश को बर्बाद उन्हीं लोगों ने किया, जिनको वैदिक गुरुकुलम परंपरा से दिक्कत है. भारत को अगर भारत रहने देना है, तो भारत सरकार को हर जिले में वैदिक गुरुकुल खोलना चाहिए.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम जब काबा नहीं जा रहे, तो तुम बाबा के पास क्यों आ रहे हो. सरकार कहती है कि बच्चे दो ही अच्छे लेकिन चच्चे के 30 बच्चे क्यों, हम यही कहेंगे कि हिंदुओं जनसंख्या बढ़ाओ, घटाओ मत. यदि अपने बच्चों की जल, जंगल, ज़मीन, जोरू को बचाना है, तो जनसंख्या बढ़ाओ. कम से कम 4 बच्चे होने चाहिए, हमारी शादी नहीं हुई, फिर भी प्लान बता देते हैं.’
जावेद अख्तर ने भी की टिप्पणी
Advertisement
मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने कहा कि मुझे कभी ऐसा नहीं लगा. मैं मुंबई में रहता हूं, सभी लोगों से मिलता हूं. लोग मेरा काफी सम्मान करते हैं. शायद लोग यह समझते होंगे कि एआर रहमान वेस्ट में ज्यादा व्यस्त रहते हैं, शो में ज्यादा समय देते हैं, इसलिए हमारे पास आएंगे या नहीं. रहमान इतनी महान शख्सियत हैं कि छोटे निर्माता भी उनके पास जाने में झिझक महसूस कर सकते हैं.
गायिका महालक्ष्मी ने भी दी प्रतिक्रिया
गायिका महालक्ष्मी अय्यर ने कहा कि मैं ऐसा नहीं मानती हूं. मैं अब उतने फिल्मी गाने नहीं गाती, जितने पहले गाती थी, क्योंकि कई नई प्रतिभाएं सामने आई हैं. टीवी शो और अन्य प्लेटफॉर्मों के माध्यम से कई नए कलाकारों को अवसर मिलते हैं, और वे इस मौके के हकदार हैं. नए म्यूजिक डायरेक्टर अपना कुछ नया लेकर आ रहे हैं. जनता भी कुछ नया सुनना चाहती है.
Advertisement
यह भी पढ़ें