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'परिवार पर केस, कोर्ट पर दबाव…’ पूर्व CJI का छलका दर्द, जगनमोहन रेड्डी पर किए बड़ेे खुलासे!

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में हुए एक दीक्षांत समारोह में एनवी रमन्ना का दर्द छलका है. उन्होंने कहा, ‘आप सभी जानते हैं कि मेरे परिवार को कैसे टारगेट किया गया?

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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी पर सनसनीखेज खुलासा हुआ है. ये खुलासा कोई और नहीं बल्कि देश की सर्वोच्च अदालत के पूर्व CJI एनवी रमन्ना ने किया है. उन्होंने बताया कि, जब वे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनने वाले थे उस समय आंध्र प्रदेश के तत्कालीन CM जगनमोहन रेड्डी ने उनके परिवार को निशाना बनाया. 

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में हुए एक दीक्षांत समारोह में एनवी रमन्ना का दर्द छलका है. उन्होंने कहा, ‘आप सभी जानते हैं कि मेरे परिवार को कैसे टारगेट किया गया? उनके खिलाफ झूठे आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए. यह सब मुझे दबाव में लाने के लिए किया गया था.’ 

‘चंद्रबाबू नायडू के प्रोजेक्ट को समर्थन करने पर परेशान किया’ 

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एनवी रमन्ना अमरावती की वीआईटी-एपी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. यहां उन्होंने पूर्व जगनमोहन रेड्डी सरकार पर कई खुलासे किए. उन्होंने बताया कि, उनके परिवार ने चंद्रबाबू नायडू सरकार के अमरावती राजधानी प्रोजेक्ट का समर्थन किया था. इसके बाद आई जगनमोहन रेड्डी सरकार ने राजधानी के त्रिभाजन की घोषणा कर कमजोर कर दिया था. 

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चंद्रबाबू नायडू ने कैसे रोका त्रिभाजन का फैसला? 

जगनमोहन रेड्डी ने सत्ता में आते ही अमरावती के त्रिभाजन का फैसला कर लिया था. इसके बाद विरोध में किसानों ने साल 2019 से 2024 तक लगातार पांच साल तक आंदोलन किया. साल 2024 में नायडू सरकार फिर सत्ता में लौटी और त्रिभाजन के फैसले को रद्द कर दिया. 

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दक्षिण भारत का सबसे लंबा आदोलन रहा!

पूर्व CJI ने दीक्षांत समारोह में छात्र जीवन से जुड़ी यादों के बारे में बताया. उन्होंने कहा, आज का अमरावती किसानों की दृढ़ता और संघर्ष की देन है. यह शहर किसानों के आंदोलन की रीढ़ पर टिका है. उन्होंने इसे दक्षिण भारत का सबसे लंबे आंदोलन करार दिया. 

जगनमोहन रेड्डी पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप 

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जस्टिस एनवी रमन्ना ने दावा किया कि, जगनमोहन रेड्डी सरकार ने किसानों के संघर्ष को खत्म करने की कई कोशिशें की. उस समय किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया. आंदोलन की सच्चाई को जानने की भी कोशिश नहीं की गई. 

‘कोर्ट और जजों के परिवार पर दबाव बनाया’

पूर्व CJI ने आरोप लगाया कि, ‘ वो दौर मुश्किल था जिसमें मैं अकेला नहीं था. जो भी लोग किसानों के समर्थन में खड़े थे, उन्हें धमकाया गया और प्रताड़ित किया गया. यहां तक कि कुछ न्यायाधीशों को भी ट्रांसफर, दबाव और राजनीतिक प्रतिशोध का सामना करना पड़ा. कई निर्दोष परिवार राजनीतिक साजिशों के कारण पीड़ित हुए. ‘ऐसे समय में कई राजनीतिक नेता चुप रहे, लेकिन न्यायपालिका, वकील और संविधान में आस्था रखने वाले लोग ही लोकतंत्र की असली ताकत बनकर खड़े हुए.’

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‘सरकारें बदलेंगी लेकिन न्यायपालिका स्थिर रहेगी’

एनवी रमन्ना ने बदलती सरकार में बदलते सिस्टम और दबाव की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा, सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन कानून और न्यायपालिका ही देश में स्थिरता की आधारशिला हैं. कानून का राज तभी कायम रह सकता है जब उस पर भरोसा रखने वाले लोग अपनी ईमानदारी और संवैधानिक जिम्मेदारी से समझौता न करें. उन्होंने जोर दिया कि, भविष्य में किसान, वकील, न्यायविद, सिविल सोसाइटी के सदस्य और जज ही समाज में ईमानदारी और कानून के राज के प्रतीक बने रहेंगे.

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फोटो- पहाड़ काटकर बनाया गया जगन पैैलेस

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इससे पहले जगनमोहन रेड्डी पहाड़ काटकर महलनुमा बंगला बनाने को लेकर निशाने पर आ गए थे. इस महल की लागत 452 करोड़ रुपए बताई गई. आरोप लगे कि, पूर्व जगन सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर ये महल अपने ऐश-ओ-आराम के लिए बनाया है. विशाखापट्टनम के रुशिकोंडा हिल पर समुद्र तट के पास बनेे इस महल की भव्यता देखकर कोई भी चौंक जाए. इस महल में 12 लग्जरी बेडरूम हैं और हर बेडरूम में शानदार सुविधाएं दी गई हैं. इसके अलावा, महल में एक विशाल थिएटर हॉल, 200 झूमर और लाखों रुपए की लागत वाले स्पा सेंटर और मसाज टेबल भी हैं. 

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