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अमित शाह का बस्तर दौरा: नक्सलवाद के गढ़ से विकास और विश्वास का नया संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में नक्सलवाद के गढ़ से विकास और विश्वास का संदेश दिया। उन्होंने नक्सलियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की और 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लिया।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साल 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का वादा किया है। इसके लिए वह लगातार नक्सल प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अभियान चला रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर नक्सलवाद के गढ़ से विकास और विश्वास को दर्शाती तस्वीर शेयर की।
अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ दौरे पर थे। यहां वह दंतेवाड़ा के बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे और लोगों की खुशहाली की बात कही।
बस्तर में विकास और विश्वास की तस्वीर
उन्होंने 'एक्स' पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें दो बच्चे खुले आसमान के नीचे खेत में लगे सोलर पैनल पर लेटकर खुशी से मोबाइल चलाते हुए दिख रहे हैं।
उन्होंने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "जो बस्तर-सुकमा क्षेत्र कभी लाल आतंक (नक्सलवाद) का गढ़ था, जहां लोग भय के कारण घरों से नहीं निकलते थे, आज वहां की डोंडरा पंचायत में भयमुक्त होकर फोन चलाते बच्चों को देख मन आनंदित है। विकास और विश्वास को दर्शाती यह तस्वीर आपसे साझा कर रहा हूं।"
इससे पहले अमित शाह ने बस्तर पंडुम कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज चैत्र नवरात्रि की अष्टमी है। मैं मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर आया हूं कि अगली चैत्र नवरात्रि में यहां से लाल आतंक समाप्त हो जाए और हमारा बस्तर खुशहाल हो।
शाह ने कहा, "मैं सभी नक्सली भाइयों से विनती करने आया हूं कि आप हथियार डाल दीजिए। आप सभी हमारे अपने हैं। कोई नक्सली मारा जाता है तो किसी को आनंद नहीं होता, किंतु इस क्षेत्र को विकास चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि जो गांव नक्सलियों से आत्मसमर्पण करवाएगा, उस गांव को नक्सल मुक्त घोषित कर एक करोड़ रुपये की विकास राशि देंगे।"
Input : IANS
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