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शीतलहर के बीच योगी सरकार का राहत अभियान जारी, प्रदेश में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित
प्रदेशभर में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित किए जा चुके हैं. इन रैन बसेरों में 9949 जरूरतमंद लोग अब तक आश्रय ले चुके हैं. जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि रैन बसेरों में साफ-सफाई, गर्म पानी, प्रकाश और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
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उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने आमजन को राहत पहुंचाने के लिए व्यापक और सुनियोजित व्यवस्थाएं की हैं. प्रदेश के सभी जनपदों में रैन बसेरा, अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है, ताकि ठंड से किसी भी नागरिक को असुविधा न हो. प्रदेश सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शीतलहर के दौरान कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति ठंड से पीड़ित न रहे. जिला प्रशासन, नगर निकाय और संबंधित विभागों को पूरी संवेदनशीलता के साथ राहत कार्यों को संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं.
रैन बसेरों की व्यवस्था
प्रदेशभर में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित किए जा चुके हैं. इन रैन बसेरों में 9949 जरूरतमंद लोग अब तक आश्रय ले चुके हैं. जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि रैन बसेरों में साफ-सफाई, गर्म पानी, प्रकाश और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
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कंबल वितरण को प्राथमिकता
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प्रदेश सरकार द्वारा शीतलहर से बचाव के लिए कंबल वितरण को प्राथमिकता दी गई है. पिछले 03 वर्षों में औसतन 10,65,889 कंबलों की खरीद की गई है.
इस पर लगभग 44.38 करोड़ रुपये की औसत धनराशि व्यय हुई है. चालू व्यवस्था के अंतर्गत सभी जनपदों को 17.55 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है. 75 जनपदों द्वारा कंबल खरीद के लिए क्रयादेश जारी किए जा चुके हैं. इनमें से 75 जनपदों में 3,78,884 कंबलों की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है. अब तक सभी जनपदों द्वारा 1,40,364 कंबलों का वितरण जरूरतमंदों को किया जा चुका है. शेष कंबलों को वितरण किया जा रहा है.
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सभी जनपदों में अलाव की समुचित व्यवस्था
ठंड से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की भी व्यापक व्यवस्था की गई है. सभी जनपदों को अलाव जलाने के लिए 1.75 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है. जनपदों में प्रतिदिन जलाए जा रहे अलावों की स्थिति की नियमित फीडिंग राहत पोर्टल पर की जा रही है, जिससे शासन स्तर पर सतत निगरानी बनी रहे.
कोहरे को लेकर अलर्ट
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कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सरकार द्वारा तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है.
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राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा सचेत ऐप एवं वेब पोर्टल के माध्यम से अब तक 33.27 करोड़ अलर्ट एसएमएस जारी किए जा चुके हैं. ये संदेश प्रभावित जनपदों के अधिकारियों के साथ-साथ आमजनमानस को भी भेजे गए हैं. इसके अतिरिक्त संबंधित विभागों जैसे यूपीडा, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी द्वारा जिलाधिकारियों एवं जिला पुलिस को ई-मेल के माध्यम से कोहरे से संबंधित अलर्ट लगातार जारी किए जा रहे हैं.