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अमेरिका ने Raw पर उठाए सवाल भड़के भारत ने दी चेतावनी! गुस्से में बोला - कमजोर करने के प्रयास सफल नहीं होंगे
बता दें कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (USCIRF) की एक रिपोर्ट पर कड़ी प्रक्रिया दी है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिका द्वारा RAW पर दिए गए रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट के सवालों का जवाब देते हुए रणधीर ने कहा कि "USCIRF की सालाना रिपोर्ट को देखा है। यह पूरी तरीके से पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित है।
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जब से अमेरिका की कमान डोनाल्ड ट्रंप ने संभाली है। तभी से पूरी दुनिया में भूकंप सा आ गया है। चारों तरफ उथल-पुथल मचा हुआ है। हर कोई उनके फैसलों पर हैरान और परेशान है। इनमें सबसे ज्यादा ट्रैफिक वॉर को लेकर बवाल मचा हुआ है। लेकिन इन सब के बावजूद भारत और अमेरिका के रिश्तों पर जरा सी भी आंच नहीं आई है। डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से भले ही पूरी दुनिया डरी और सहमी हुई है। लेकिन ट्रंप ने भारत के रिश्तों को और भी ज्यादा मजबूत करने की पहल शुरू कर दी है। इस पहल की शुरुआत उन्होंने अपने भरोसेमंद नेशनल इंटेलीजेंस चीफ तुलसी गबार्ड को भारत भेज कर शुरू किया। इस दौरे के बाद अगला दौरा अमेरिका के NSA का होने वाला है। ताकि दोनों देशों के संबंधों को और भी ज्यादा मजबूत किया जा सके। इस बीच अमेरिका ने धार्मिक आजादी को लेकर एक रिपोर्ट पेश की है। इसमें अल्पसंख्यकों के साथ में बुरा बर्ताव दिखाया गया है। वहीं दूसरी तरफ भारत की खुफिया एजेंसी RAW यानी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग को बैन करने की बात कही गई है। लेकिन इस बैन से पहले भारत ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए करारा प्रहार किया है। भारत ने कड़ा रूप अपनाते हुए कहा है कि देश की प्रतिष्ठा को कमजोर करने का प्रयास कभी सफल नहीं होगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिका को लगाई फटकार
बता दें कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (USCIRF) की एक रिपोर्ट पर कड़ी प्रक्रिया दी है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिका द्वारा RAW पर दिए गए रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट के सवालों का जवाब देते हुए रणधीर ने कहा कि "USCIRF की सालाना रिपोर्ट को देखा है। यह पूरी तरीके से पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित है। अलग-अलग घटनाओं को गलत तरीके से पेश कर भारत के जीवंत बहुसांस्कृतिक समाज पर आक्षेप लगाने धार्मिक स्वतंत्रता पर जानबूझकर वास्तविक चिंता के बजाए एक एजेंडे को दर्शाता है। भारत 1.4 अरब लोगों का घर है। यहां मानव जाति के सभी धर्मों के अनुयायी हैं। हमें कोई भी उम्मीद नहीं है कि USCIRF भारत के बहुलवादी ढांचे की वास्तविकता से जुड़ेगा या विविध समुदाय के सामंजस्यपूर्ण पूर्ण को अस्वीकार करेगा। लोकतंत्र और सहिष्णुता के रूप में भारत को कमजोर करने के यह प्रयास सफल नहीं होंगे।"
क्या है USCIRF ?
बता दें कि USCIRF हर साल एक ऐसी रिपोर्ट पेश करती है। यह रिपोर्ट दुनिया भर के देशों के धार्मिक स्वतंत्रता पर होती है। इस बार इस संस्था ने भारत पर आरोप लगाए हैं। जिसमें भारत में रहने वाले अल्पसंख्यकों के ऊपर बुरा बर्ताव करने की बात कही गई है। इसके अलावा RAW पर खालिस्तानी समर्थकों की हत्या का आरोप लगा है। इसके बाद इस खुफिया एजेंसी को बैन करने की बात कही गई है। RAW पर बैन लगाने को लेकर भारत ने अमेरिका को तगड़ी चेतावनी दी है।
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