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अमरनाथ यात्रा 2025: अब तक दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, 6,143 यात्रियों का नया जत्था कश्मीर के लिए रवाना
आज 6,143 यात्रियों का एक और जत्था भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ.
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अमरनाथ यात्रा में पिछले 11 दिनों में दो लाख से अधिक भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. इसी कड़ी में सोमवार को 6,143 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुआ.
दर्शन के लिए 6143 यात्रियों नया जत्था रवाना
अधिकारियों ने बताया कि आज 6,143 यात्रियों का एक और जत्था भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ.
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100 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला 2,215 यात्रियों को लेकर सुबह 3.30 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ, जबकि 135 वाहनों का दूसरा सुरक्षा काफिला 3,928 यात्रियों को लेकर सुबह 4 बजे नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ.
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प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी.
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यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीएपीएफ की 180 कंपनियां लगाई
180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत बढ़ाने के लिए लाया गया है. जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है. सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां लाई गई हैं. पूरे मार्ग को सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित कर लिया गया है.
पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं.
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इस वर्ष हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं
तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं. वहीं, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा पूरी करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है. सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है.
38 दिनों तक चलेगी पावन यात्रा
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अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का दिन है. श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे.