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यूपी DGP मुख्यालय से सभी जिलों को लेकर अलर्ट जारी, जानिए क्या है पूरा मामला ?
उत्तर प्रदेश हाई अलर्ट पर रखा गया है। डीजीपी मुख्यालय के सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने के निर्देश पर पुलिस सूबे के सभी जिले और संवदेशील इलाक़ों में लगातार गश्त कर रही है।
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लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर देश की संसद में आज यानी बुधवार का दिन बहुत खास होने वाला है। संसद के निचले सदन लोकसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। इस बिल के ज़रिए वक्फ कानून में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होना है। वही इस बिल को लेकर सत्ता दल बनाम विपक्ष की पार्टियों के बीच हंगामा होने के आसार भी नजर आ रहे है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई दलों ने अपने सांसदों की सदन में मौजूदगी के लिए व्हिप जारी किया है। वही इस बिल के पेश होने से पहले कई दलों ने इस बात का एलान किया है कि जब सरकार की तरफ से बिल सदन में पेश किया जाएगा तब उनकी पार्टी इस विरोध करेगी। इसी कड़ी में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी विरोध की बात कही है। इसको देखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश हाई अलर्ट पर रखा गया है। डीजीपी मुख्यालय के सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने के निर्देश पर पुलिस सूबे के सभी जिले और संवदेशील इलाक़ों में लगातार गश्त कर रही है। आज लोकसभा में बिल पेश होने के बाद इस पर बहस के लिए आठ घंटे का समय निर्धारित किया गया है। वही इस पर बहस के लिएएक तरफ NDA तो दूसरी तरफ विपक्ष की पार्टियां एकजुट है।
डीजीपी मुख्यालय से दिया गया आदेश
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने राजनीतिक माहौल को देखते हुए सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। दरअसल, वक्फ संसोधन विधेयक को लेकर सपा, कांग्रेस समेत तमाम विरोधी दलों ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। ऐसे में जब सदन में बिल 12 बजे पेश होगा तो वहाँ मौजूद विपक्षी पार्टी के सांसद विरोध करेंगे तो वही बाहर उनके कार्यकर्ता भी सरकार के ख़िलाफ सड़क पर प्रदर्शन कर सकते है। इसको मद्देनजर रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के पुलिस कप्तान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि हम पूरी तरह से अलर्ट है। लखनऊ,वाराणसी, ग़ाज़ीपुर, बरेली, सहारनपुर समेत कई जिलो में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया है।
बिल पर मौलाना तौकीर रजा ने या कहा ?
इस बिल को लेकर देश में सियासी माहौल तो गर्म है, इस बीच इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा का भी बड़ा बयान सामने आया है। तौकीर राजा के अनुसार सरकार इस बिल को इसलिए पेश कर रही है क्योंकि एक धर्म विशेष को खुश कर उसका राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। बिल के माध्यम से सरकार वक्फ बोर्ड पर जो बदलाव करना चाह रही है ,कर ले, हमारी जमीनों पर कब्जा कर ले. उन्होंने कहा कि वक्फ बिल ले आओ और हमारी जायदाद पर कब्जा कर लो हमें कोई दिक्कत नहीं। बात बस इतनी सी है कि मुस्लिमों को जितना सरकार सताएगी एक धर्म उतना हाई खुश होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बिल के ज़रिए सरकार वक्फ की जमीनों पर कब्जे की निगाह रखी हुई है।
वक्फ बिल में मुख्य बदलाव क्या है ?
देश में इस वक़्त सबसे ज़्यादा चर्चा और जानने की कोशिश यह है कि आख़िर वक्फ संशोधन विधेयक के जरिए सरकार क्या बदलाव करना चाहती है। दरअसल, सरकार की मंशा वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करने के साथ अभी तक वक्फ बोर्ड को कलेक्ट हुई सम्पत्ति की सर्वे का अधिकार देना है। इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान शामिल है।
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