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700 करोड़ की धांधली में फंसे Akhilesh Yadav के करीबी, 11 ठिकानों पर ED की छापेमारीबंपर इन

सामाजिक पार्टी के नेता विनय शंकर तिवारी के खिलाफ 700 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने यूपी के विभिन्न शहरों में उनके कई संपत्तियों पर छापेमारी की। एजेंसी ने कुल दस स्थानों पर खोजबीन की।

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सपा नेता और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के घर पर 14 महीनों में दूसरी बार ईडी ने छापेमारी की है। विनय शंकर तिवारी पर 700 करोड़ रुपये की धांधली का आरोप है। सपा नेता के लखनऊ, गोरखपुर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। दरअसल, बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बैंकों ने विनय तिवारी से जुड़ी गंगोत्री इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर धांधली का आरोप लगाया है। शिकायत में बैंक के लोन को गलत तरीके से दूसरी जगह निवेश कर हड़पने का आरोप लगाया गया है। इस पूरे मामले में सबसे पहले सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तमाम आरोपों के बाद ईडी ने विनय शंकर तिवारी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली थी। जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। ईडी की जांच में सामने आया था कि मेसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अपने प्रमोटरों, निदेशकों, गारंटरों के साथ मिलकर बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले सात बैंकों के कंसोर्टियम से 1129.44 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं का लाभ लिया था। बाद में इस रकम को उन्होंने अन्य कंपनियों में डायवर्ट कर दिया और बैंकों की रकम को वापस नहीं किया, जिससे बैंक के कंसोर्टियम को करीब 754.24 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ईडी ने साल 2023 के नवंबर महीने में पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की 72.08 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर दिया था। बता दें कि विनय शंकर तिवारी ईडी की कई नोटिसों के बाद भी बयान के लिए पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद ईडी की दर्जन भर टीमों ने तिवारी के तमाम ठिकानों पर छापेमारी की।

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कहां-कहां ईडी की रेड?

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  • कुल 10 ठिकानों पर ईडी का छापा
  • लखनऊ, गोरखपुर और नोएडा में रेड
  • मुंबई के 8 ठिकानों पर छापा

ईडी की टीम ने लखनऊ, गोरखपुर, मुंबई और दिल्ली में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। टीम ने आवास समेत गंगोत्री एंटरप्राइजेज के दफ्तरों में भी छापा मारा है। इससे पहले 2023 में भी राजधानी स्थित ईडी के जोनल कार्यालय ने विनय तिवारी की गोरखपुर, महराजगंज और लखनऊ स्थित कुल 27 संपत्तियों को जब्त किया था, जिनमें कृषि योग्य भूमि, व्यवसायिक कांप्लेक्स, आवासीय परिसर, आवासीय भूखंड आदि शामिल हैं।

कौन हैं विनय शंकर तिवारी?

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  • बाहुबली नेता हरिशंकर के बेटे हैं विनय शंकर
  • सपा के नेता हैं विनय शंकर तिवारी
  • 2021 में विनय शंकर ने सपा ज्वाइन की थी
  • बसपा से विधायक थे विनय शंकर तिवारी
  • विनय शंकर तिवारी चिल्लूपार से विधायक रह चुके हैं

पूर्वांचल के बाहुबली और माफियाओं के गॉडफादर कहे जाने वाले हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी, चिल्लूपार विधानसभा सीट से बसपा से विधायक रह चुके हैं। साल 2021 में उन्होंने बसपा का दामन छोड़कर सपा का साथ लिया था। बसपा में रहते हुए जिस सीट से विनय विधायक चुने गए थे, उसी सीट से उनके पिता हरिशंकर भी 6 बार विधायक चुने जा चुके हैं।

ईडी की जांच के दौरान पता चला कि विनय शंकर ने लोन को विभिन्न तरीकों से अवैध रूप से दूसरे स्थानों पर निवेश किया और बैंकों के पैसे हड़पने की कोशिश की। यह छापेमारी उस वित्तीय अनियमितता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के तौर पर देखी जा रही है, जो सार्वजनिक बैंकों के वित्तीय संसाधनों का दुरुपयोग करती है।

विनय शंकर तिवारी का नाम राजनीति और अपराध की दुनिया में भी इसीलिए है क्योंकि वे बाहुबली नेता के बेटे हैं। यूपी में माफिया राज की शुरुआत उन्हीं के नाम से मानी जाती है। अब आप समझ सकते हैं कि विनय तिवारी का वर्चस्व इतना क्यों है।

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बहरहाल, यूपी में योगी राज है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि यूपी में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। तिवारी परिवार और यूपी सरकार के बीच टकराव अब जगजाहिर हो गया है। फिलहाल ईडी ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है।



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