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अखिलेश यादव का संभल प्रशासन से सवाल, 'जो फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी?'

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जारी किया है। इस तस्वीर में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन सुरक्षाकर्मी और कुछ लोगों दिख रहे है जो नारा लगा रहे है। इस तस्वीर को साझा करते हुए अखिलेश यादव ने कैप्शन में लिखा है कि "जिन्होंने बवाल शुरू किया और जो पहले पहला फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीर कब लगेंगी?"

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उत्तर प्रदेश के संभल स्थित जामा मस्जिद में रविवार को कोर्ट के आदेश पर हुए सर्वे के दौरान हिंसा के बाद अब राज्य का सियासी पारा दिन पर दिन गर्म होता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर अब पोस्टर वार के जारी बयानबाजी भी शुरू हो चुकी है। हिंसा के बाद से लगातार विपक्षी पार्टी योगी सरकार और प्रशासन पर हमलावर दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जारी किया है। इस तस्वीर में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन सुरक्षाकर्मी और कुछ लोगों दिख रहे है जो नारा लगा रहे है। इस तस्वीर को साझा करते हुए अखिलेश यादव ने कैप्शन में लिखा है कि "जिन्होंने बवाल शुरू किया और जो पहले पहला फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीर कब लगेंगी?"


दरअसल, संभल के जिला अदालत के आदेश पर 24 नवंबर रविवार को कोर्ट कमिशन की एक टीम ने शाही जामा मस्जिद के सर्वे के लिए पहुंची थी तभी अचानक बड़ी सुरक्षा फोर्स लगे होने के बावजूद भारी भीड़ ने उस जगह पथराव शुरू किया। सर्वे के दौरान हुआ यह विवाद हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान कई गाड़ियों में आगजनी और तोड़फोड़ भी की गई। इस स्थिति को नियंत्रण करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। अब तक इस हिंसा में चार लोगों की मौत भी हुई है। हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मामले की गंभीरता को लेते हुए आलाधिकारियों से स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव कदम उठाने का आदेश दिया। जिसके बाद पुलिस की तरफ से उपद्रवियों के फोटो भी जगह-जगह लगाई जा रही है और शिनाख्त करके लगातार गिरफ्तारी भी की जा रही है। अब तक इस मामले में कुल 28 आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है इनमें तीन महिलाएं भी शामिल है। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर कुल 45 उपद्रवियों का पोस्टर भी जारी किया गया है। पुलिस द्वारा बहुत से उपद्रवियों का नाम और पता भी सार्वजनिक किया गया है। अब तक हिंसा में पुलिस ने 100 लोगों की पहचान की गई है। 


गौरतलब है कि संभल में स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से इंटरनेट सेवा को पूरी तरीके से बंद कर दिया गया है वहीं 29 नवंबर को जुम्मे की नमाज को लेकर भी प्रशासन पूरी तरीके से हाई अलर्ट मोड पर है। बताते चले कि संभल की जामा मस्जिद को हिंदू पक्ष ने पूर्व में हरिहर मंदिर होने का दावा किया है। इसी को लेकर हिंदू पक्ष में कोर्ट का रुख किया था। जिस पर सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने सर्वे का आदेश दिया था। फिलहाल इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश में कस बयान बाजी शुरू हो गई है अब देखना यह होगा कि अखिलेश यादव के इस पोस्टर जारी किए जाने के बाद सत्ताधारी दल भाजपा की तरफ से कौन सामने आकर इसका जवाब देता है।
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