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बेशर्मी पर उतरकर रेप पीड़िता का मखौल उड़ा रहे थे अखिलेश, घमंड़ टूट गया

अखिलेश यादव ने सेलेक्टिव राजनीति करने के चक्कर में बेशर्मी की हदें पार कर दी है

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सत्ता की कुर्सी पर बैठने के लिए नेता किसी भी हद तक जा सकता है, कितनी भी बेशर्मी पर उतर सकता है।क्योंकि सत्ता का नशा ही ऐसा होता है किसी भी मदहोश कर देता है, और इसी मदहोशी में आजकल यूपी में बैठे अखिलेश (Akhilesh Yadav) , लोकसभा में नेता विपक्ष की कुर्सी पर राहुल गांधी, बंगाल में ममता दीदी दिखाई देते है।लेकिन आज बात अखिलेश की करेंगे।अखिलेश की बेशर्मी की करेंगे,क्योंकि जब आप एक रेप पीड़िता का मखौल उड़ा सकते है तो फिर आप कुछ भी कर सकते है।अय़ोध्या में एक बारह साल की बच्ची के साथ दो महिनों तक दरिंदगी की गई।

जिसने की वो समाजवादी पार्टी का नेता है, फैजाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी है।लेकिन समाजवादी पार्टी उसे बचाने की भरपूर कोशिश कर रही है।उसके बाद एक रेप का मामला कन्नोज से सामने आया, वो भी नेता समाजवादी पार्टी का ही है। कभी डिंपल यादव का राइटहैंड रहा है, अखिलेश के राज में कन्नोज का मीनि सीएम भी कहा जाता था।नाम है नवाब सिंह यादव लेकिन उसे बचाने के लिए भी अखिलेश यादव मैदान में उतर आए।और बलात्कार के आरोपी के लिए प्रैस कांफ्रेस में पीड़िता का मखौल उड़ा दिया।अखिलेश के मखौल वाले वीडियों को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा अखिलेश यादव ने 'कन्नौज' की “रेप पीड़िता” का हँसते हुये “मजाक” उड़ाया।सपा नेता ने बच्ची को 'नोच' डाला,, रेप की पुष्टि हो गयी,, यह हँसकर बता रहा है,, कन्नौज चर्चा में है।बेशर्मी की पराकाष्ठा- अत्यंत शर्मनाक !! 

लड़की खुद पुलिस को बुलाती है, पुलिस नवाब यादव को अंडरवियर में गिरफ्तार करती है, लेकिन अखिलेश की नजर में उनका नेता देवता है।25 साल से अखिलेश के साथ रहने का डिंपल के राइट हैंड होने का इनाम अखिलेश दे रहे है।जबकि लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ है मेडिकल जांच में इस बाक की पुष्टी हो चुकी है।और अब पुलिस नवाब यादव का डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है।कोर्ट से टेस्ट की इजाजत मांगी गई है।शायद इसी बात की बौठलाहट में अखिलेश के सुर बिगड़ गए।क्योंकि अयोध्य़ा में नाबालिग का डीएनए टेस्ट कराने की बात अखिलेश ने ही की थी और जिस तरह की राजनीति अखिलेश कर रहे है उसपर लोग सवाल उठाने लगे है।सोशल मीडिया पर लोग अखिलेश की क्लास लगाने लगे है।

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तो ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या अपने मुस्लिम यादव वोटरों को बरकरार रखने के लि अखिलेश ऐसी राजनीति कर रहे है या फिर आने वाले उपचुनाव के लिए कर रहे है।या फिर 2027 में कांग्रेस के पाले में MY ना चला जाए उसके लिए वोटर को मजबूत कर रहे है।वैसे जिस गठबंधन में फिलहाल अखिलेश है वो सेलेक्टिव राजनीति करने पर उतर आया है।और अखिलेश भी अब वहीं राजनीति करेगें जहां से वोट मिलेगे।ऐसा उनकी राजनीति से लगने लगा है।

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