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वक्फ बिल का विरोध करने चले Akhilesh को चुकानी पड़ी भारी कीमत, मुसलमानों ने ही कर दी बगावत !
सपाई मुखिया अखिलेश यादव ने भी अपने सभी 37 सांसदों के साथ Waqf Bill का पूरा विरोध किया. और अब यही विरोध लगता है अखिलेश यादव को भारी पड़ रहा है क्योंकि जिन मुसलमानों के लिए अखिलेश ने बिल का विरोध किया था… वही मुसलमान अब अखिलेश यादव के विरोध में उतर आए हैं !
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मोदी सरकार वक्फ संशोधन बिल लेकर आई तो मुसलमानों के साथ साथ विपक्ष ने भी भारी विरोध किया।और इस कदर विरोध किया कि विपक्ष के दबाव की वजह से सरकार को वक्फ संशोधन बिल संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के पास भेजना पड़ा। और जब जेपीसी की परीक्षा से निकल कर वक्फ संशोधन बिल दोबारा संसद में आया तो इस बार भी विपक्ष ने इस बिल को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। यहां तक कि सपाई मुखिया अखिलेश यादव ने भी अपने सभी 37 सांसदों के साथ बिल का पूरा विरोध किया। और अब यही विरोध लगता है अखिलेश यादव को भारी पड़ रहा है। क्योंकि जिन मुसलमानों के लिए अखिलेश ने बिल का विरोध किया था। वही मुसलमान अब अखिलेश यादव के विरोध में उतर आए हैं।
दरअसल लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी को वोट दिया था। जिसके दम पर अखिलेश की पार्टी अस्सी में से 37 सीटों पर जीत गई। और अब लगता है मुसलमानों से मिले इसी समर्थन का अहसान चुकाने के लिए सपाई मुखिया अखिलेश यादव की पार्टी ने संसद में वक्फ संशोधन बिल का विरोध किया था। लेकिन यही विरोध अखिलेश यादव को उस वक्त भारी पड़ गया। जब जिला मुजफ्फरनगर में सैकड़ों सपाई कार्यकर्ता अखिलेश का साथ छोड़ कर उस आरएलडी में चले गये। जिसके मुखिया और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने खुद संसद में वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर मोदी सरकार का साथ दिया था।
नावेद खान जैसे सैकड़ों मुसलमान अखिलेश का साथ छोड़ कर आरएलडी में शामिल हुए तो योगी सरकार में मंत्री और पुरकाजी से आरएलडी विधायक अनिल कुमार ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के पास हिंदू मुस्लिम के मुद्दे पर राजनीति करने के अलावा और कुछ नहीं है। यही वजह है कि उनके कार्यकर्ता सपा का साथ छोड़ कर आरएलडी में आ गये।
इतना ही नहीं वक्फ कानून के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले मोदी विरोधियों को भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए योगी के मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि इस कानून से गरीब मुस्लिमों को फायदा होगा। तो वहीं कुछ मठाधीश लोग हैं जो अब तक फायदा उठा रहे थे उन्हें जरूर नुकसान होगा।
सपा। कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियां वक्फ बिल का विरोध करके मुसलमानों को खुश करने चली थीं। लेकिन लगता है उनका ये दांव एक बार फिर उल्टा पड़ गया है।क्योंकि जिला मुजफ्फरनगर के सैकड़ों मुसलमान वक्फ बिल का विरोध करने वाली सपा से नाराज होकर आरएलडी में चले गये। क्योंकि वो समझ गये हैं कि इसी तरह से सीएए के नाम पर भी विपक्षी पार्टियों ने अफवाह उड़ाई थी कि इससे मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी। लेकिन आज तक किसी मुस्लिम की नागरिकता नहीं छीनी गई। और अब वक्फ बिल के विरोध में भी इसी तरह की दलील दी जा रही है कि इससे मुसलमानों को नुकसान होगा। इसीलिये अखिलेश, राहुल, उद्धव ठाकरे, अरविंद केजरीवाल, तेजस्वी यादव जैसे तमाम विपक्षी पार्टियों ने वक्फ बिल का विरोध किया। लेकिन इसके बावजूद मोदी सरकार ने बिल पास भी करवा लिया और 8 अप्रैल से पूरे देश में लागू भी हो गया। तो वहीं संसद में वक्फ बिल को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने क्या कुछ कहा था आइये आपको सुनाते हैं।
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