Advertisement

Loading Ad...

देवबंद में भव्य स्वागत, अजमेर शरीफ में विरोध…अफगानी मंत्री मुत्तकी के दौरे पर क्यों बंटे मौलाना?

अजमेर में सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह से जुड़ी संस्था अंजुमन कमेटी को आमिर खान मुत्तकी खटक रहे हैं. कमेटी के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने तालिबान को आतंकी संगठन करार देते हुए उस पर भरोसे को गलती माना है.

Loading Ad...

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी भारत दौरे पर हैं. अपनी भारत यात्रा में मुत्तकी देश के अलग-अलग इस्लामिक धार्मिक स्थलों का दौरा कर रहे हैं. माना जा रहा था भारत यात्रा के दौरान मुत्तकी अजमेर शरीफ भी जा सकते हैं लेकिन इससे पहले ही दरगाह से जुड़ी अंजुमन कमेटी उनके विरोध में उतर आई है. 

आमिर खान मुत्तकी का जहां एक तरफ देवबंद में भव्य स्वागत हुआ. मौलानाओं ने इस दौरे को ऐतिहासिक करार दिया. वहीं, दूसरी ओर अजमेर में सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह से जुड़ी संस्था अंजुमन कमेटी को मुत्तकी खटक रहे हैं. कमेटी के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने तालिबान के साथ किसी भी तरह के रिश्ते या संवाद का कड़ा विरोध किया है. 

अफगानी मंत्री मुत्तकी पर सैयद सरवर चिश्ती ने क्या कहा? 

Loading Ad...

अंजुमन कमेटी के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने तालिबान को आतंकवादी, महिला विरोधी और मानवता विरोधी संगठन बताया. उन्होंने कहा, भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को ऐसे संगठन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. सरवर चिश्ती ने कहा कि पाकिस्तान ने तालिबान को हर तरह से समर्थन दिया था, उसे पनाह दी, आर्थिक मदद की और सैन्य सहयोग भी किया. इसके बावजूद आज तालिबान पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन चुका है. जब पाकिस्तान जैसा मुस्लिम देश सुरक्षित नहीं है, तो भारत कैसे ऐसे संगठन पर भरोसा कर सकता है. जो तालिबान पाकिस्तान का नहीं हुआ, वह भारत का कैसे हो सकता है. 

Loading Ad...

‘तालिबान का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं’

सैयद सरवर चिश्ती ने तालिबान को इस्लामिक नहीं आतंकी संगठन माना. उन्होंने कहा, तालिबान इस्लाम की आड़ में न सिर्फ आतंक फैलाता है, बल्कि असल इस्लामी शिक्षाओं को भी बदनाम करता है. उन्होंने कहा इस्लाम शांति, भाईचारे और इंसानियत का धर्म है, जबकि तालिबान केवल खून-खराबा, नफरत और बर्बरता फैलाता है. यह इस्लाम के नाम पर आतंक है.

Loading Ad...

‘तालिबान ने बौद्ध इतिहास पर हमला किया’

सरवर चिश्ती ने अफगानिस्तान के बामियान में हुई उस घटना का भी जिक्र किया. जिसमें  की हजारों साल पुरानी मूर्तियां तोड़ी गई थी. सरवर चिश्ती ने कहा, यह सिर्फ एक धार्मिक कट्टरता नहीं थी, बल्कि पूरी मानव सभ्यता और इतिहास पर हमला था. तालिबान को संस्कृति की कोई कद्र नहीं है. तालिबान ने सिर्फ चर्चों या अन्य धर्मों को ही नहीं, बल्कि मुसलमानों के धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया है. सरवर चिश्ती ने बताया, उन्होंने कई मस्जिदों और दरगाहों में बम धमाके किए हैं. 

तालिबान के महिला विरोधी रुख का विरोध

Loading Ad...

अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती ने तालिबान के महिला विरोधी रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया. चिश्ती ने कहा, तालिबान महिलाओं को पढ़ाई, कामकाज और समाज में हिस्सेदारी से रोकता है. यह न सिर्फ इस्लाम के खिलाफ है, बल्कि हर इंसानी मूल्य के खिलाफ है.

तालिबान पर केंद्र सरकार को चेताया

सैयद सरवर चिश्ती ने अफगानिस्तान और भारत की बढ़ती नजदीकी को देश के लिए खतरा माना. चिश्ती ने कहा कि, तालिबान के साथ किसी भी तरह की बातचीत या संबंध भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकते हैं. उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा, जब तक तालिबान की सोच नहीं बदलती, उसे एक आतंकी संगठन ही माना जाए. तालिबान पर भरोसा बेमानी और गलती होगी. चिश्ती ने फिर दोहराया, ऐसे आतंकी संगठनों से कोई भी दोस्ताना रुख न अपनाए. सरवर चिश्ती ने भारत के लोकतंत्र का जिक्र करते हुए कहा, भारत एक महान लोकतंत्र है जहां हर धर्म, जाति और समुदाय को समान अधिकार है. जबकि, तालिबान एक आतंकी संगठन. 

Loading Ad...

जमीयत उलेमा हिंद ने की थी मुत्तकी की तारीफ

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के भारत दौरे पर मुस्लिम धर्मगुरु ही बंटे हुए हैं. इससे पहले जब मुत्तकी सहारनपुर के देवबंद गए थे तब उनकी मुलाकात जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से हुई थी. इस मुलाकात में दोनों ने भारत और अफगानिस्तान के बीच धार्मिक और ऐतिहासिक रिश्तों को बढ़ावा दिया था. उस वक्त अरशद मदनी ने आमिर खान मुत्तकी की तारीफ के पुल बांधे थे. 

अरशद मदनी ने कहा था कि कि, हमारा रिश्ता सिर्फ मदरसों या तालीम तक सीमित नहीं है. अफगानिस्तान ने भारत की आजादी में भी अहम भूमिका निभाई है. हमारे बुजुर्गों ने भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में अफगान की भूमि को चुना. मौलाना अरशद और अफगान विदेश मंत्री मुत्तकी की यह मुलाकात भारतीय मुसलमानों और दारुल उलूम देवबंद के गहरे संबंधों का प्रतीक मानी गई. आपको बता दें कि, मौलाना अमीर खान मुत्तकी 6 दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर हैं. मुत्तकी 9 अक्टूबर को भारत पहुंचे थे और 16 अक्टूबर तक यहां रहेंगे. 

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...