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Air India Plane Crash: हादसे से पहले कॉकपिट में क्या हुआ था? ब्लैक बॉक्स से मिला अहम सुराग
एअर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट AI-171 हादसे की जांच तेज़ी से जारी है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि दोनों ब्लैक बॉक्स (CVR और FDR) से अहम जानकारी सफलतापूर्वक हासिल कर ली गई है और सभी संभावित कारणों की गहन जांच की जा रही है.
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अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 से जुड़े हादसे की जांच तेजी से जारी है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले में बड़ा अपडेट जारी किया है. मंत्रालय के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान के दोनों ब्लैक बॉक्स कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) से महत्वपूर्ण जानकारी सफलतापूर्वक निकाल ली गई है. अब इन आंकड़ों की तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में गहन जांच की जा रही है, ताकि दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके.
जांच एजेंसियां विमान हादसे की विभिन्न पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही हैं और हर संभावित कारण को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही हैं. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जांच के बाद जैसे ही कोई ठोस निष्कर्ष निकलता है, उसे सार्वजनिक किया जाएगा. फिलहाल सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करते हुए, जांच को प्राथमिकता दी जा रही है.
विमान हादसे की जांच कर रही है विशेषज्ञों कि टीम
13 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के हादसे के तुरंत बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ टीम का गठन किया. इस टीम का नेतृत्व AAIB के महानिदेशक ख़ुद कर रहे हैं. इस जांच टीम में विमानन चिकित्सा विशेषज्ञ, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अधिकारी और अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है, क्योंकि यह विमान अमेरिका में बना था. हादसे की जांच हर स्तर पर भारत के नागरिक उड्डयन कानूनों और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के नियमों के तहत पारदर्शिता से की जा रही है. टीम का उद्देश्य है कि हर संभावित पहलू की गहनता से जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सुधार किए जा सकें.
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अहम सबूत अब दिल्ली में AAIB के पास
13 जून 2025 को हुए विमान हादसे के बाद जांच की दिशा में अहम प्रगति हुई है. हादसे के बाद पहला ब्लैक बॉक्स, यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR), उसी दिन घटनास्थल के पास एक इमारत की छत से बरामद कर लिया गया था. इसके बाद, दूसरा ब्लैक बॉक्स, यानी फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (FDR), 16 जून को मलबे की तलाशी के दौरान विमान के मलबे से निकाला गया. दोनों ब्लैक बॉक्सों को अहमदाबाद में कड़ी पुलिस सुरक्षा और CCTV निगरानी के बीच रखा गया था. 24 जून को भारतीय वायुसेना के एक विशेष विमान की मदद से इन्हें अहमदाबाद से दिल्ली लाया गया. इसके बाद दोपहर 2 बजे पहला ब्लैक बॉक्स दिल्ली स्थित विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रयोगशाला पहुंचा, जबकि दूसरा बॉक्स शाम 5:15 बजे AAIB टीम द्वारा सुरक्षित रूप से लैब में जमा कराया गया. इस तरह अब ब्लैक बॉक्स के ज़रिए बहुत विमान हादसे को लेकर अहम जानकारी जांच टीम के पास है.
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ब्लैक बॉक्स डाटा का हो रहा विश्लेषण
विमान हादसे वाले दिन से ही विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के तकनीकी विशेषज्ञों ने दोनों ब्लैक बॉक्स से डाटा निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. 25 जून को कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (FDR) के मेमोरी मॉड्यूल से डाटा को सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया. अब विशेषज्ञों की टीम इन रिकॉर्डरों के डाटा का बारीकी से विश्लेषण कर रही है. इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि हादसे से पहले विमान में क्या गतिविधियां हो रही थीं. विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं कोई तकनीकी खामी, मानवीय गलती या अन्य कारण इस दुखद घटना की वजह तो नहीं बना.
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बताते चलें कि बता दें कि अहमदाबाद से लंदन की ओर जा रहा एअर इंडिया का ड्रीमलाइनर टेकऑफ के कुछ ही समय बाद बीजे मेडिकल कॉलेज की हॉस्टल की इमारत से टकरा गया. इस हादसे में प्लेन में सवार 242 व्यक्तियों में से 241 की मौत हो गई. केवल एक व्यक्ति ही बच पाया. इसके अलावा जमीन पर कम से कम 22 लोग मारे गए. मृतकों में जो विमान में यात्रा कर रहे थे उनमें160 भारतीय, 7 पुर्तगाली, 34 ब्रिटिश और 1 कनाडाई शामिल हैं.